कबीर व्याख्या ( Kabir Vyakhya )
(1)सतगुरू की महिमा अनंत, अनंत किया उपगार। लोचन अनंत उघाड़िया, अनँत दिखावणहार।। प्रसंग – प्रस्तुत काव्यांश कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा बी ए द्वितीय सेमेस्टर के लिये निर्धारित हिंदी की पाठ्य-पुस्तक में संकलित कबीरदास के पदों से ली गई हैं | इन पंक्तियों में सच्चे गुरु की महिमा का वर्णन किया गया है | व्याख्या — सच्चे … Read more