वस्तुनिष्ठ प्रश्न ( Hindi Major BA -2nd Semester KUK )

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम ‘मध्यकालीन हिंदी कविता’ (B23 -HIN-201) के आधार पर महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न-उत्तर कबीरदास सूरदास गोस्वामी तुलसीदास मीराबाई घनानंद रसखान बिहारी हिंदी साहित्य का आदिकाल काव्यशास्त्र: काव्य, गुण, तत्त्व, शब्द-शक्ति

वस्तुनिष्ठ प्रश्न ( AEC Hindi BA -2nd Semester KUK )

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम ‘हिन्दी भाषा एवं सम्प्रेषण: मौखिक सम्प्रेषण Level-II’ (B23-AEC-HIN-221) के आधार पर महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न-उत्तर इकाई – 1: सम्प्रेषण के तत्व और प्रकार इकाई – 2: श्रवण प्रक्रिया और नोट बनाना इकाई – 3: हिंदी उच्चारण और शब्दावली इकाई – 4: प्रस्तुति और साक्षात्कार कौशल

वस्तुनिष्ठ प्रश्न ( Hindi Minor BA -2nd Semester KUK )

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ‘राजभाषा हिन्दी: प्रावधान और प्रयोग’ (B23-HIN-202) पाठ्यक्रम के आधार पर इकाई-1: राजभाषा: परिभाषा और स्वरूप इकाई-2: संवैधानिक व्यवस्था और नियम इकाई-3: वैज्ञानिक, तकनीकी विकास और अनुवाद इकाई-4: राजभाषा हिन्दी के विविध पक्ष

वस्तुनिष्ठ प्रश्न ( AEC Hindi, BA -4th Semester KUK )

व्यक्तित्व विकास (Personality Development) नेतृत्व और प्रेरणा (Leadership & Motivation) लक्ष्य और सफलता (Goal & Success) टीमवर्क और संवेगात्मक बुद्धि (Teamwork & Emotional Intelligence) मूल्य और शिष्टाचार (Values & Etiquette) समय प्रबंधन (Time Management) तनाव प्रबंधन (Stress Management) विविध महत्वपूर्ण प्रश्न

हिंदी पत्रकारिता की वर्तमान समस्याएँ व समाधान

हिंदी पत्रकारिता की वर्तमान समस्याएँ 1. फेक न्यूज़ और भ्रामक सूचनाएँ: इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में फेक न्यूज़ का तेज़ी से फैलना सबसे बड़ी समस्या है। यह समाज में नफरत और ध्रुवीकरण बढ़ाती है, जिससे पत्रकारिता की साख और विश्वसनीयता पूरी तरह नष्ट हो रही है। बिना जाँचे ख़बरों को वायरल करने की … Read more

हिंदी पत्रकारिता की वर्तमान प्रवृत्तियाँ

हिंदी पत्रकारिता की वर्तमान प्रवृत्तियाँ 1. डिजिटल और वेब पत्रकारिता का विस्तार वर्तमान में सूचनाओं का डिजिटल होना हिंदी पत्रकारिता का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव है। अब समाचार पत्र ‘डिजिटल फर्स्ट’ रणनीति अपना रहे हैं, जहाँ खबरें पहले वेबसाइट या ऐप पर दी जाती हैं और प्रिंट अख़बार में बाद में आती हैं। वेब-पत्रिकाओं और … Read more

हिंदी के प्रमुख पत्र

1. उदन्त मार्तण्ड — यह हिंदी का प्रथम समाचार पत्र है, जिसका प्रकाशन 30 मई 1826 को कलकत्ता से साप्ताहिक रूप में शुरू हुआ था। इसके संपादक पंडित जुगल किशोर शुक्ल (युगुल किशोर सुकुल) थे। ‘उदन्त मार्तण्ड’ का शाब्दिक अर्थ है ‘उगता हुआ सूर्य’। इसी ऐतिहासिक पत्र के शुरू होने की याद में हर वर्ष … Read more

हिंदी के प्रमुख सम्पादक

1. पंडित युगल किशोर सुकुल या जुगल किशोर शुक्ल पंडित युगल किशोर सुकुल को हिंदी पत्रकारिता का आदि-संपादक (प्रथम संपादक) माना जाता है। उन्हें जुगल किशोर शुक्ल के नाम से भी जाना जाता है | वे मूल रूप से कानपुर के निवासी थे, लेकिन उन्होंने कर्मभूमि कलकत्ता (अब कोलकाता) को बनाया। 30 मई 1826 को … Read more

वस्तुनिष्ठ प्रश्न ( हिंदी पत्रकारिता,VOC – Hindi, BA -6th Semester KUK )

1. ‘उदन्त मार्तण्ड’ का प्रकाशन कब और कहाँ से हुआ?उत्तर- इसका प्रकाशन 30 मई, 1826 को कलकत्ता (अब कोलकाता) से साप्ताहिक रूप में प्रारंभ हुआ था।2. उदन्त मार्तण्ड पत्र के संपादक कौन थे?उत्तर- उदन्त मार्तण्ड के संपादक पं० जुगल किशोर शुक्ल थे, जो मूल रूप से कानपुर के निवासी थे।3. उदन्त मार्तण्ड का शाब्दिक अर्थ … Read more

भेंटवार्ता का अर्थ, प्रकार व उद्देश्य

भेंटवार्ता (साक्षात्कार): अर्थ, प्रकार और उद्देश्य पत्रकारिता और जनसंचार की दुनिया में समाचार और फीचर के बाद ‘भेंटवार्ता’ सबसे लोकप्रिय और प्रभावी विधा है। इसे हिंदी में ‘साक्षात्कार’ भी कहा जाता है। परीक्षा की दृष्टि से भेंटवार्ता का अर्थ, इसके प्रकार और उद्देश्यों का सरल व विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है: भेंटवार्ता (साक्षात्कार) का … Read more

रिपोर्टिंग का अर्थ, प्रकार व प्रक्रिया

रिपोर्टिंग: अर्थ, प्रकार और प्रक्रिया पत्रकारिता की पूरी इमारत ‘समाचारों’ पर टिकी है और समाचारों को जन्म देने का काम ‘रिपोर्टिंग’ (Reporting) के द्वारा ही होता है। रिपोर्टिंग के बिना न कोई अखबार छप सकता है और न कोई न्यूज़ चैनल चल सकता है। परीक्षा के दृष्टिकोण से रिपोर्टिंग का अर्थ, उसके प्रकार और प्रक्रिया … Read more

फीचर लेखन के आवश्यक तत्त्व / बातें या फीचर लेखन की प्रक्रिया / विधि

फीचर लेखन की प्रक्रिया / विधि या प्रविधि फीचर लिखना केवल सूचनाओं को छापना नहीं है, बल्कि यह एक रचनात्मक कला है। जहाँ समाचार ‘उल्टे पिरामिड शैली’ (महत्वपूर्ण बात सबसे पहले) में लिखा जाता है, वहीं फीचर को एक कथा या कहानी की तरह (कथात्मक शैली में) लिखा जाता है। एक सफल, रोचक और बेहतरीन … Read more

फीचर के प्रकार

फीचर और उसके प्रमुख प्रकार पत्रकारिता की दुनिया में ‘फीचर’ एक बहुत ही रोचक, रचनात्मक और मनोरंजक विधा है। जहाँ समाचार का काम केवल तथ्य और सूचना देना होता है, वहीं ‘फीचर’ सूचना देने के साथ-साथ पाठक का मनोरंजन भी करता है और उसे शिक्षित भी करता है। यह समाचार की तुलना में अधिक भावपूर्ण, … Read more

संपादन कला क्या है? संपादन कला के सामान्य सिद्धांत

संपादन कला: अर्थ और प्रमुख सिद्धांत पत्रकारिता की दुनिया में ‘संपादन’ (Editing) का बहुत महत्त्वपूर्ण स्थान है। कोई भी समाचार पत्र, पत्रिका या पुस्तक बिना संपादन के अपने पाठकों तक नहीं पहुँच सकती। यह पत्रकारिता की रीढ़ की हड्डी है। 1. संपादन कला का अर्थ ‘संपादन’ का सामान्य अर्थ है— रिपोर्टर (संवाददाता) द्वारा लाई गई … Read more

पत्रकारिता के मूल / अनिवार्य या आवश्यक तत्त्व

पत्रकारिता केवल घटनाओं को इकट्ठा करने और उन्हें छापने या दिखाने का नाम नहीं है। यह एक ज़िम्मेदार और संवेदनशील पेशा है, जिसकी इमारत कुछ निश्चित सिद्धांतों की नींव पर खड़ी होती है। एक ‘आदर्श पत्रकारिता’ के लिए निम्नलिखित मूल तत्त्वों का होना अत्यंत आवश्यक है: 1. सत्यता पत्रकारिता का पहला और सबसे बड़ा तत्त्व … Read more

error: Content is proteced protected !!