भेंटवार्ता (साक्षात्कार): अर्थ, प्रकार और उद्देश्य
पत्रकारिता और जनसंचार की दुनिया में समाचार और फीचर के बाद ‘भेंटवार्ता’ सबसे लोकप्रिय और प्रभावी विधा है। इसे हिंदी में ‘साक्षात्कार’ भी कहा जाता है। परीक्षा की दृष्टि से भेंटवार्ता का अर्थ, इसके प्रकार और उद्देश्यों का सरल व विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है:
भेंटवार्ता (साक्षात्कार) का अर्थ
‘भेंटवार्ता’ अंग्रेजी के ‘Interview’ (इंटरव्यू) शब्द का हिंदी अनुवाद है। अंग्रेजी का यह शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है— ‘Inter’ (भीतर) + ‘View’ (देखना या झांकना)। अर्थात्, किसी व्यक्ति के मन या उसके विचारों के भीतर झांकना।
सरल शब्दों में: जब कोई पत्रकार या संवाददाता किसी विशेष व्यक्ति से आमने-सामने बैठकर (या फोन/इंटरनेट के माध्यम से), किसी पूर्व-निश्चित विषय पर प्रश्न-उत्तर करता है और उससे जानकारी या विचार निकालता है, तो इस ‘उद्देश्यपूर्ण बातचीत’ को भेंटवार्ता या साक्षात्कार कहते हैं।
यह दो दोस्तों के बीच होने वाली सामान्य गपशप नहीं है; इसका एक स्पष्ट लक्ष्य होता है, जिसे दर्शकों या पाठकों तक पहुँचाना होता है।
भेंटवार्ता के प्रमुख प्रकार
विषय और आवश्यकता के अनुसार पत्रकारिता में भेंटवार्ता को कई प्रकारों में बाँटा गया है। इसके प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं:
1. सूचनात्मक भेंटवार्ता (Informational Interview)
इस प्रकार की भेंटवार्ता का मुख्य लक्ष्य किसी घटना के बारे में ठोस जानकारी या ‘तथ्य’ प्राप्त करना होता है। जब कोई बड़ी घटना (जैसे रेल दुर्घटना या कोई अपराध) होती है, तो पत्रकार वहां मौजूद चश्मदीद गवाहों, पुलिस अधिकारी या डॉक्टर से जो सवाल-जवाब करता है, वह सूचनात्मक भेंटवार्ता है। इसमें व्यक्ति से ज्यादा ‘घटना’ का महत्त्व होता है।
2. व्यक्तित्व प्रधान भेंटवार्ता (Personality Interview)
यह पाठकों और दर्शकों के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। इसका उद्देश्य किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के ‘इंसान’ वाले रूप को जनता के सामने लाना है। इसमें राजनेताओं, फिल्म अभिनेताओं, खिलाड़ियों या साहित्यकारों से बातचीत की जाती है। इसमें उनकी सफलताओं, संघर्षों, बचपन, शौक और उनके निजी विचारों पर प्रश्न पूछे जाते हैं। (जैसे- ‘आप की अदालत’ या किसी मैगजीन में छपा किसी अभिनेता का लंबा इंटरव्यू)।
3. विशेषज्ञ भेंटवार्ता (Expert Interview)
जब देश या समाज में कोई नई समस्या, विवाद या नया कानून आता है, तो आम जनता उसे आसानी से नहीं समझ पाती। ऐसे में पत्रकार उस विषय के ‘विशेषज्ञ’ के पास जाता है। उदाहरण के लिए— शेयर बाज़ार गिरने पर किसी अर्थशास्त्री से बातचीत करना, या कोरोना महामारी के समय किसी बड़े डॉक्टर का इंटरव्यू लेना। इसका उद्देश्य जनता को सही राह दिखाना होता है।
4. आकस्मिक भेंटवार्ता (Casual Interview)
यह भेंटवार्ता बिना किसी पूर्व योजना (बिना अपॉइंटमेंट) के अचानक की जाती है। जब पत्रकार सड़क पर चलते हुए आम लोगों के बीच माइक लेकर पहुँच जाता है और किसी ताज़ा मुद्दे (जैसे चुनाव या महँगाई) पर उनकी राय पूछता है। इसे टीवी की भाषा में ‘वॉक्स पॉप’ (Vox Pop) या ‘बाइट’ (Bite) लेना भी कहते हैं।
भेंटवार्ता के प्रमुख उद्देश्य
पत्रकारिता में भेंटवार्ता हवा में नहीं की जाती, इसके पीछे कुछ बहुत ही स्पष्ट और महत्त्वपूर्ण उद्देश्य होते हैं:
1. समाचार को प्रामाणिक (सच्चा) बनाना:
जब रिपोर्टर केवल अपनी तरफ से कोई खबर लिखता है, तो हो सकता है लोग उस पर विश्वास न करें। लेकिन जब वह खबर से जुड़े अधिकारी या मंत्री का इंटरव्यू (बयान/Quote) खबर में जोड़ देता है, तो खबर सच्ची और ‘प्रामाणिक’ बन जाती है।
2. छिपे हुए तथ्यों को बाहर निकालना:
कई बार सरकारी दस्तावेज़ों या प्रेस रिलीज़ में पूरी सच्चाई नहीं होती। एक चतुर पत्रकार अपनी भेंटवार्ता के माध्यम से, क्रॉस-क्वेशचन करके नेता या अधिकारी के मुँह से वह सच भी उगलवा लेता है, जिसे वे छिपाना चाहते हैं।
3. जनमत जानना और बनाना:
लोकतंत्र में जनता क्या सोच रही है, यह जानना बहुत ज़रूरी है। भेंटवार्ता के माध्यम से पत्रकार आम आदमी की समस्याओं और विचारों को सरकार तक पहुँचाता है। साथ ही, विशेषज्ञों के इंटरव्यू से वह जनता को सही दिशा में सोचने के लिए भी प्रेरित करता है।
4. विशिष्ट व्यक्तियों के जीवन से प्रेरणा देना:
व्यक्तित्व प्रधान भेंटवार्ता का सबसे बड़ा उद्देश्य समाज के युवाओं को प्रेरित करना होता है। जब कोई पाठक किसी महान वैज्ञानिक, सफल व्यवसायी या किसी गरीब पृष्ठभूमि से निकले आईएएस अधिकारी के संघर्ष का इंटरव्यू पढ़ता है, तो उसे अपने जीवन में भी कुछ बड़ा करने की प्रेरणा मिलती है।
5. पाठकों का मनोरंजन और जिज्ञासा शांत करना:
लोगों के मन में हमेशा यह जानने की जिज्ञासा होती है कि उनके पसंदीदा सितारे असली ज़िंदगी में कैसे हैं, क्या खाते हैं, कैसे रहते हैं। फिल्म स्टार्स या खिलाड़ियों की भेंटवार्ता इसी मनोरंजन और जिज्ञासा को शांत करने के उद्देश्य से छापी या दिखाई जाती है।
निष्कर्ष
निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि ‘भेंटवार्ता’ पत्रकारिता का एक बहुत ही धारदार और सजीव हथियार है। एक सफल भेंटवार्ता के लिए पत्रकार को बहुत अच्छी तैयारी, विषय का गहरा ज्ञान और मनोविज्ञान की समझ होनी चाहिए। सूचनात्मक से लेकर व्यक्तित्व प्रधान तक, सभी प्रकार की भेंटवार्ताएँ मिलकर पत्रकारिता को पूर्णता प्रदान करती हैं। ये न केवल समाचारों को मज़बूत बनाती हैं, बल्कि पाठकों को देश के विचारकों, नायकों और आम लोगों के मन से सीधे जोड़ने का काम भी बखूबी करती हैं।