मशीनी अनुवाद : अर्थ, परिभाषा, स्वरूप व प्रकार

सामान्य शब्दों में एक भाषा की सामग्री को दूसरी भाषा में प्रस्तुत करना ही अनुवाद है | एक अनुवादक स्रोत भाषा और लक्ष्य भाषा दोनों की बारीकियों को समझते हुए अनुवाद कार्य का निष्पादन करता है | अनुवाद एक जटिल प्रक्रिया है क्योंकि इसमें केवल शब्दों को ही दूसरी भाषा में रूपांतरित नहीं किया जाता … Read more

टिप्पण या टिप्पणी : अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, विशेषताएं और प्रकार

टिप्पण या टिप्पणी का कार्यालयों के लिए एक विशेष महत्व है | यह अंग्रेजी शब्द नोटिंग ( Noting ) का हिंदी अनुवाद है | ‘नोटिंग’ शब्द लैटिन के Nota से बना है जिसका अर्थ है – जानना| इसके लिए ‘कमेंट’ या ‘एनोटेशन’ का भी प्रयोग किया जाता है | कार्यालयों में आवेदन पत्रों को सरलता … Read more

भारत की बहुद्देशीय परियोजनाएँ

भारत की जलवायु वर्ष भर कृषि उत्पादकता के अनुकूल है और यहां की मिट्टी उपजाऊ है परंतु यहां वर्ष के सभी महीनों में जल की आपूर्ति नहीं हो पाती | अतः यहां सिंचाई आवश्यक हो जाती है | सिंचाई की इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए भारत में बहुद्देशीय परियोजनाएँ विकसित की गई हैं … Read more

विलियम वर्ड्सवर्थ का काव्य भाषा सिद्धांत ( For M. A.)

विलियम वर्ड्सवर्थ का आधुनिक पाश्चात्य काव्यशास्त्र में महत्वपूर्ण स्थान है | उसने उन्नीसवीं शताब्दी के आरम्भ में नव्यशास्त्रवाद (Neoclassicism) से सम्बन्ध विच्छेद करके एक सर्वथा नवीन विचारधारा को जन्म दिया। विलियम वर्ड्सवर्थ के इन विचारों को पाश्चात्य काव्यशास्त्र में स्वच्छंदतावाद के नाम से जाना जाता है | उनके विचार उनकेप्रसिद्ध काव्य-संग्रह Lyrical Ballads के द्वितीय … Read more

भारतीय वन, राष्ट्रीय उद्यान व जीव अभयारण्य क्षेत्र

भारत में वन, राष्ट्रीय उद्यान व जीव अभयारण्य क्षेत्र देश के सभी भागों में मिलते हैं लेकिन भारत में वन क्षेत्रों का वितरण बड़ा असमान है। ये उन प्रदेशों में बहुत कम पाए जाते हैं, जहां इनकी बहुत अधिक आवश्यकता है। उदाहरणत: गंगा के अधिक जनसंख्या तथा कृषि वाले मैदान के केवल 5% भाग पर … Read more

गुप्त काल : भारतीय इतिहास का स्वर्णकाल

मौर्य साम्राज्य के पतन के पश्चात गुप्त काल के शासकों ने भारत को राजनीतिक एकता के सूत्र में बांधा | यद्यपि ईस्वी की चौथी सदी के आरंभ से लेकर छठी सदी के अंत तक इनका शासन रहा | परंतु गुप्त वंश का अंतिम शक्तिशाली शासक स्कंदगुप्त था जिसने 467 ईस्वी तक शासन किया | हूणों … Read more

अनुवाद : अर्थ, परिभाषा एवं स्वरूप

अनुवाद का अर्थ अनुवाद शब्द संस्कृत की ‘वद्’ धातु में ‘अनु’ उपसर्ग तथा ‘घयं’ प्रत्यय लगाने से बना है | अनु का अर्थ है – पीछे और वाद का अर्थ है-कथन। अतः अनुवाद उस कथन को कहा जाता है जो किसी पूर्व कथन का अनुसरण करके कहा गया हो या फिर लिखा गया हो। अंग्रेजी … Read more

महादेवी वर्मा का साहित्यिक परिचय

जीवन-परिचय महादेवी वर्मा ( Mahadevi Varma ) हिन्दी की सर्वाधिक प्रतिभावान कवयित्रियों में से हैं। वे हिन्दी साहित्य में छायावादी युग के प्रमुख स्तंभों जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला और सुमित्रानंदन पंत के साथ छायावााद की आधार स्तंभ मानी जाती हैं। उन्हें आधुनिक काल की मीरा कहा जाता है | महादेवी वर्मा जी का जन्म … Read more

जॉन ड्राइडन का काव्य सिद्धांत

जॉन ड्राइडन का पाश्चात्य आलोचना जगत में महत्त्वपूर्ण स्थान है। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे | वे आलोचक के साथ-साथ प्रसिद्ध कवि, नाटककार तथा व्यंग्यकार थे। उनके आलोचना सिद्धान्त उनकी रचनाओं की भूमिकाओं में मिलते हैं। उन्होंने सैद्धान्तिक तथा व्यावहारिक दोनों प्रकार की आलोचनाओं के बारे में अपने मत व्यक्त किए। वे एक … Read more

लोंजाइनस का उदात्त सिद्धांत

पाश्चात्य काव्यशास्त्र में प्लेटो तथा अरस्तू के पश्चात लोंजाइनस एक महत्वपूर्ण काव्यशास्त्री हुए हैं | लोंजाइनस ने अपनी काव्य संबंधी अवधारणा अपनी पुस्तक पेरिइप्सुस में प्रस्तुत की है | बहुत लंबे समय तक यह पुस्तक अंधकार के गर्त में रही | आरंभ में इसके केवल कुछ अंश प्राप्त हुए ; 1554 ईस्वी में इस ग्रंथ … Read more

भारत की मिट्टियां : विभिन्न प्रकार, विशेषताएँ व वितरण

‘भारत की मिट्टियां’ विषय का विस्तृत विवेचन करने से पूर्व मृदा शब्द के अर्थ को जानना अति आवश्यक होगा | मृदा ( Soil ) पृथ्वी की ऊपरी सतह पर मोटे, मध्यम और बारीक कार्बनिक तथा अकार्बनिक कणों को मृदा कहते हैं | ऊपरी सतह पर से मिट्टी हटाने पर प्रायः चट्टान पाई जाती है कभी-कभी … Read more

भारत में बाढ़ और अनावृष्टि के प्रमुख कारण

भारत क्षेत्रफल की दृष्टि से एक विशाल देश है | भौगोलिक दृष्टि से इसमें अनेक विभिन्नतायें पाई जाती हैं | यही कारण है भारत में वर्षा की मात्रा भी एक समान नहीं है | इसके विभिन्न भागों में बाढ़ के साथ-साथ अनावृष्टि भी देखी जा सकती है | भारत में बाढ़ तथा अनावृष्टि के अनेक … Read more

अरस्तू का विरेचन सिद्धांत

अरस्तू यूनान के प्रसिद्ध दार्शनिक प्लेटो का शिष्य था | अरस्तू का विरेचन सिद्धांत अपने गुरु प्लेटो के काव्य संबंधी सिद्धांत का प्रतिवाद कहा जा सकता है | प्लेटो की यह धारणा थी कि काव्य हमारी क्षुद्र वासनाओं को उभरता है और आदर्श नागरिकता के मार्ग में बाधा बनता है | उनका मानना था कि … Read more

अरस्तू का अनुकरण सिद्धांत

अरस्तू प्लेटो के प्रतिभाशाली शिष्य होने के साथ-साथ एक महान् चिन्तक भी थे | यही कारण है कि उन्होंने जिन सिद्धान्तों का प्रतिपादन किया, उन्हें सभी परवर्ती पाश्चात्य विद्वानों ने स्वीकार किया। प्लेटो का शिष्य होते हुए भी अरस्तू ने प्लेटो के विचारों का खंडन करके अपना भौलिक चिंतन प्रस्तुत किया। अरस्तू के पिता राजवैद्य … Read more

यू जी सी नेट – हिंदी ( जून – 2006)

( यहाँ यू जी सी नेट – हिंदी ( जून – 2006) के प्रश्न-पत्र को व्याख्या सहित हल किया गया है ताकि विद्यार्थियों को सम्पूर्ण जानकारी मिल सके | ) प्रश्न – 1. खड़ी बोली का प्रयोग सबसे पहले किस पुस्तक में हुआ? (A) सुखसागर(B) भक्ति सागर(C) काव्य सागर(D) प्रेमसागर उत्तर — खड़ी बोली का … Read more

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