DSC1: हिंदी साहित्य का इतिहास (आदिकाल से रीतिकाल तक)

इकाई – 1: साहित्य इतिहास लेखन

▪️साहित्येतिहास एवं साहित्येतिहास दर्शन

▪️हिंदी साहित्येतिहास लेखन की परंपरा

(i) हिंदी के साहित्येतिहास लेखन की परंपरा

(ii) आचार्य शुक्ल से पूर्व हिंदी साहित्येतिहास लेखन

▪️हिंदी साहित्येतिहास : काल-विभाजन एवं नामकरण

▪️साहित्येतिहास का पुनर्लेखन

(i) हिंदी साहित्य के इतिहास लेखन की समस्याएँ

इकाई – 2: आदिकाल

▪️आदिकाल : काल-विभाजन एवं नामकरण की समस्या

(i) आदिकाल का नामकरण और सीमा निर्धारण ( Aadikaal Ka Naamkaran aur Seema Nirdharan)

▪️आदिकालीन साहित्य : पृष्ठभूमि, परिवेश एवं प्रवृत्तियां

(i) आदिकाल की परिस्थितियां ( Aadikal Ki Paristhitiyan )

(ii) आदिकाल / वीरगाथा काल की प्रमुख प्रवृत्तियाँ ( Aadikal / Veergathakal Ki Pramukh Visheshtaen )

▪️आदिकालीन साहित्य: सिद्ध-नाथ, जैन एवं रासो साहित्य

(i) आदिकालीन साहित्य की विभिन्न धाराएँ

(ii) रासो काव्य परंपरा ( Raso Kavya Parampara )

▪️रचनाकार : चंदबरदाई, नरपति नाल्ह, अद्दहमाण, विद्यापति

(i) आदिकाल के प्रसिद्ध कवि : चंदबरदाई, नरपति नाल्ह, जगनिक, विद्यापति, स्वयंभू, अमीर खुसरो

(ii) आदिकाल : प्रमुख कवि, रचनाएं व नामकरण ( Aadikal ke Pramukh Kavi, Rachnayen Evam Naamkaran )

इकाई – 3: भक्तिकाल

▪️भक्तिकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक परिवेश एवं तत्कालीन मुख्य साहित्यिक प्रवृत्तियां

(i) भक्तिकाल की परिस्थितियाँ

(ii) भक्तिकाल की राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक परिस्थितियाँ

▪️भक्ति-आंदोलन का अखिल भारतीय परिप्रेक्ष्य

▪️भक्ति की काव्यधाराएं : निर्गुण एवं सगुण

(i) संत काव्य-परंपरा एवं प्रवृत्तियां /विशेषताएं

(ii)सूफी काव्य : परंपरा एवं प्रवृत्तियां ( Sufi Kavya : Parampara Evam Pravrittiyan )

(iii) राम काव्य : परंपरा एवं प्रवृत्तियां /विशेषताएं ( Rama Kavya : Parampara Evam Pravrittiyan )

(iv) कृष्ण काव्य : परंपरा एवं प्रवृत्तियां/ विशेषताएं ( Krishna Kavya Parampara Evam Pravrittiyan / Visheshtaen )

▪️रचनाकार : कबीर, रैदास, दादू, जायसी, तुलसीदास, सूरदास, नंददास, मीरा, ताज बीबी, रसखान

(i) कबीरदास का साहित्यिक परिचय ( Kabirdas Ka Sahityik Parichay )

(ii) संत कवि : नानक, रैदास और दादू दयाल

(iii) जायसी

(iv) तुलसीदास का साहित्यिक परिचय ( Tulsidas Ka Sahityik Parichay )

(v) सूरदास का साहित्यिक परिचय ( Surdas Ka Sahityik Parichay )

(vi) नंददास

(vii) मीराबाई का साहित्यिक परिचय

इकाई – 4: रीतिकाल

▪️रीतिकाल का काल-विभाजन एवं नामकरण की समस्या

(i) रीतिकाल : समय-सीमा व नामकरण ( Reetikal: Samay Seema v Naamkaran )

▪️रीतिकालीन साहित्य : पृष्ठभूमि, प्रवृत्तियां एवं शास्त्रीय आधार

(i) रीतिकाल की परिस्थितियाँ (1643-1843 ई.)

(ii) रीतिकाल : परंपरा एवं प्रवृत्तियां ( Reetikal : Parampara Evam Pravritiyan )

▪️रीतिकालीन साहित्य : रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध एवं रीतिमुक्त

(i) रीतिबद्ध काव्य-परंपरा व प्रवृत्तियां ( Reetibaddh Kavya Parampara v Pravritiyan )

(ii) रीतिसिद्ध काव्य : परंपरा एवं प्रवृत्तियां ( Reetisiddh kavya: Parampara Evam Pravritiya )

(iii) रीतिमुक्त काव्य : परंपरा व प्रवृत्तियां ( Reetimukt Kavya: Parampara Evam Pravrittiya )

▪️रचनाकार : केशव, बिहारी, देव, मतिराम, घनानंद, बोधा, आलम, ठाकुर, भूषण, गिरिधर विराय

(i) रीतिकाल के प्रसिद्ध कवि : केशव, चिंतामणि, मतिराम, भूषण, देव, पद्मकर

Leave a Comment

error: Content is proteced protected !!