जब आदमी आदमी नहीं रह पाता ( Jab Aadami Aadami Nahin Rah Pata ) : कुंवर नारायण
दरअसल मैं वह आदमी नहीं हूँ जिसे आपने जमीन पर छटपटाते हुए देखा था | आपने मुझे भागते हुए देखा होगा दर्द से हमदर्द की ओर | 1️⃣ वक्त बुरा हो तो आदमी आदमी नहीं रह पाता | वह भी मेरी ही और आपकी तरह आदमी रहा होगा | लेकिन आपको यकीन दिलाता हूँ वह … Read more