लोकतंत्र का संकट ( Loktantra ka Sankat ) रघुवीर सहाय

लोकतंत्र का संकट ( Loktantra Ka Sankat ) पुरुष जो सोच नहीं पा रहे किंतु अपने पदों पर आसीन है और चुप हैं तानाशाह क्या तुम्हें इनकी भी जरूरत होगी जैसे तुम्हें उनकी है जो कुछ न कुछ उटपटांग विरोध करते रहते हैं | सब व्यवस्थाएं अपने को और अधिक संकट के लिए तैयार करती … Read more

वस्तुनिष्ठ प्रश्न – बी ए ( हिंदी ) पंचम सेमेस्टर ( Objective Type Questions, BA Hindi, 5th Semester )

⚫️ कविवर ‘अज्ञेय’ किस काव्यधारा के कवि हैं? उत्तर – प्रयोगवादी काव्यधारा 🔹 ‘अज्ञेय’ का पूरा नाम क्या है? उत्तर – सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ 🔹 अज्ञेय का जन्म कब और कहां हुआ? उत्तर – अज्ञेय का जन्म 7 मार्च,1911 में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में हुआ | 🔹 अज्ञेय की मृत्यु कब हुई? उत्तर … Read more

आदिकाल का नामकरण और सीमा निर्धारण ( Aadikaal Ka Naamkaran aur Seema Nirdharan)

आदिकाल का नामकरण और सीमा-निर्धारण विद्वानों के बीच विवाद का विषय है | हिंदी साहित्य के इतिहास पर विमर्श करने वाले विद्वानों एवं लेखकों ने इस संबंध में अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए हैं | मिश्र बंधुओं, आचार्य रामचंद्र शुक्ल, आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी, महावीर प्रसाद द्विवेदी आदि विद्वानों ने इस विषय में अपने अलग-अलग विचार … Read more

तुलसीदास की भक्ति-भावना ( Tulsidas Ki Bhakti Bhavna )

तुलसीदास भक्तिकाल की सगुण काव्य धारा के प्रमुख कवि हैं | उन्हें राम काव्यधारा का सर्वश्रेष्ठ कवि माना जाता है | तुलसीदास जी मूलतः एक भक्त हैं | राम-भक्ति ही उनके जीवन का एकमात्र ध्येय है | श्री राम की भक्ति में रम कर उन्होंने जो कुछ भी लिखा वह काव्य बन गया | यही … Read more

सूरदास का श्रृंगार वर्णन ( Surdas Ka Shringar Varnan )

सूरदास जी भक्तिकाल की सगुण काव्यधारा के प्रमुख कवि हैं | उन्हें कृष्ण काव्य धारा का सर्वश्रेष्ठ कवि माना जाता है | उन्हें वात्सल्य सम्राट के रूप में जाना जाता है परंतु वात्सल्य के समान श्रृंगार वर्णन में भी सूरदास जी ने कमाल किया है | यही कारण है कि अनेक विद्वान उन्हें श्रृंगार रस … Read more

वस्तुनिष्ठ प्रश्न ( हिंदी ) बी ए प्रथम वर्ष, प्रथम सेमेस्टर ( Objective Type Questions, BA Hindi,1st Semester )

◼️ कबीरदास का जन्म कब हुआ? उत्तर – 1398 ईस्वी ( काशी में ) 🔹 कबीरदास की मृत्यु कब हुई? उत्तर – 1518 ईस्वी ( मगहर में ) 🔹 कबीर की पत्नी का क्या नाम था? उत्तर – लोई | 🔹 कबीरदास के पुत्र-पुत्री का नाम बताओ | उत्तर – कमाल और कमाली | 🔹 … Read more

सूरदास का वात्सल्य वर्णन ( Surdas Ka Vatsalya Varnan)

सूरदास भक्तिकालीन सगुण काव्यधारा की कृष्ण काव्यधारा के सर्वश्रेष्ठ कवि हैं | उनका श्रृंगार वर्णन एवं वात्सल्य वर्णन संपूर्ण हिंदी साहित्य में अनूठा है | सूरदास जी से पहले हिंदी साहित्य में किसी कवि ने वात्सल्य वर्णन करने का कार्य नहीं किया | सूरदास जी पहले कवि हैं जिन्होंने वात्सल्य वर्णन किया और इतने प्रभावशाली … Read more

नरेश मेहता का साहित्यिक परिचय ( Naresh Mehta Ka Sahityik Parichay )

जीवन परिचय – श्री नरेश मेहता नई कविता के प्रमुख कवि माने जाते हैं | अज्ञेय द्वारा संपादित ‘दूसरे तारसप्तक’ से उन्होंने हिंदी साहित्य में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई | श्री नरेश मेहता का जन्म 15 फरवरी, 1922 को मध्यप्रदेश के मालवा जिले के शाजापुर गांव के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ | उनके पिता … Read more

आदिकाल / वीरगाथा काल की प्रमुख प्रवृत्तियाँ ( Aadikal / Veergathakal Ki Pramukh Visheshtaen )

हिंदी साहित्य के इतिहास को तीन भागों में बांटा जा सकता है – आदिकाल, मध्यकाल और आधुनिक काल | सम्वत 1050 से सम्वत 1375 तक का साहित्य आदिकाल के नाम से जाना जाता है | आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने इस काल को वीरगाथा काल की संज्ञा दी है | परंतु परंतु इस काल में मिली … Read more

काव्य के प्रमुख तत्त्व ( Kavya Ke Pramukh Tattv )

काव्य की विभिन्न परिभाषाओं का अध्ययन करने पर काव्य के चार प्रमुख तत्त्व सामने आते हैं – भाव तत्त्व, कल्पना तत्त्व, बुद्धि तत्त्व और शैली तत्त्व | कविता के लिए यह सभी तत्त्व आवश्यक हैं परंतु अधिकांश विद्वान भाव तत्त्व और शैली तत्त्व को प्रमुख मानते हैं | क्योंकि अनुभूति के बिना कविता निस्सार और … Read more

काव्य : अर्थ, परिभाषा एवं स्वरूप ( बी ए हिंदी – प्रथम सेमेस्टर )( Kavya ka Arth, Paribhasha Avam Swaroop )

काव्य – अभिनव गुप्त ने काव्य के विषय में लिखा है ‘कवनीय काव्यम’ अर्थात जो कुछ वर्णनीय है, वही काव्य है | अंग्रेजी भाषा में कवि का पर्याय शब्द ‘Poet’ है जिसका अर्थ है – निर्माता या रचनकर्त्ता | अंग्रेजी में काव्य को ‘Poem’ कहते हैं जिसका अर्थ है – निर्माण या रचना | इस … Read more

डॉ धर्मवीर भारती का साहित्यिक परिचय ( Dr Dharamvir Bharati Ka Sahityik Parichay )

जीवन परिचय – डॉ धर्मवीर भारती प्रयोगवादी कविता के प्रमुख कवि थे | इनका जन्म 25 दिसंबर, 1926 को इलाहाबाद में हुआ | इनके पिता का नाम श्री चिरंजीव लाल वर्मा तथा माता का नाम श्रीमती चंदा देवी था | इन्होने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी विश्वविद्यालय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की तथा इसी विश्वविद्यालय … Read more

काव्य गुण : अर्थ, परिभाषा और प्रकार ( Kavya Gun : Arth, Paribhasha Aur Swaroop )

काव्य गुण – काव्य के सौंदर्य एवं अभिव्यंजना शक्ति को बढ़ाने वाले तत्त्वों को काव्य गुण कहा जाता है | डॉ नगेन्द्र के अनुसार – “गुण काव्य के उन उत्कर्ष साधक तत्वों को कहते हैं जो मुख्य रूप से रस के और गौण रूप से शब्दार्थ के नित्य धर्म हैं |” काव्य गुणों की संख्या … Read more

छंद ( Chhand )

दोहा छंद ( Doha Chhand ) लक्षण – दोहा मात्रिक अर्द्धसम छंद है | इस छंद में कुल 4 चरण होते हैं | विषम चरणों में ( पहले और तीसरे चरण में ) 13 -13 और सम चरणों ( दूसरे और चौथे चरणों में ) में 11 -11 मात्राएं होती हैं | प्रत्येक पंक्ति के … Read more

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का साहित्यिक परिचय

जीवन-परिचय – सूर्यकांत त्रिपाठी निराला ( Suryakant Tripathi Nirala ) जी छायावाद के चार प्रमुख कवियों में से एक प्रमुख कवि थे | केवल छायावाद ही नहीं बल्कि संपूर्ण हिंदी साहित्य में उनका एक विशेष स्थान है | उन्होंने हिंदी कविता को एक नया रूप प्रदान किया | उनका जन्म 1896 ईo में बंगाल के … Read more

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