‘ईदगाह’ कहानी की समीक्षा

‘ईदगाह’ कहानी मुंशी प्रेमचंद की एक प्रसिद्ध कहानी है | बाल मनोविज्ञान पर आधारित यह कहानी साहित्य समीक्षकों तथा सामान्य पाठकों द्वारा समान रूप से सराही गई है | ‘ईदगाह’ कहानी की समीक्षा निम्नलिखित तत्त्वों के आधार पर की जा सकती है — (1) कथानक या कथावस्तु (2) पात्र या चरित्र चित्रण (3) देशकाल व … Read more

मेरे राम का मुकुट भीग रहा है : विद्यानिवास मिश्र

( यहाँ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित बी ए हिंदी – षष्ठ सेमेस्टर की पाठ्य पुस्तक ‘नव्यतर गद्य गौरव’ में संकलित विद्यानिवास मिश्र द्वारा रचित ललित निबंध ‘मेरे राम का मुकुट भीग रहा है’ का मूल पाठ तथा मूल भाव या निहित संदेश दिया गया है |) महीनों से मन बेहद-बेहद उदास है । उदासी की … Read more

भाषा का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं एवं स्वरूप

भाषा का मूल अर्थ – बोलना या कहना है | साधारण शब्दों में मानव-मुख से निकलने वाली ध्वनियों को भाषा कहा जाता है | लेकिन मानव मुख से निकलने वाली प्रत्येक ध्वनि भाषा नहीं होती | वास्तव में मानव-मुख से निकलने वाली वह सार्थक ध्वनियां जो विचारों या भावों का संप्रेषण करती हैं, भाषा कहलाती … Read more

देवदारु ( आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी )

पता नहीं किसने इस पेड़ का नाम ‘देवदारु’ रख दिया था, नाम निश्चय ही पुराना है, कालिदास से भी पुराना, महाभारत से भी पुराना | सीधे ऊपर की ओर उठता है, इतना ऊपर की पास वाली चोटी के भी ऊपर उठ जाता है, एकदम द्युलोक ( स्वर्गलोक, आकाश या अंतरिक्ष ) को भेद करने की … Read more

भाषा के विविध रूप / भेद / प्रकार ( Bhasha Ke Vividh Roop / Bhed / Prakar )

सामान्य शब्दों में भाषा शब्द का प्रयोग मनुष्य की व्यक्त वाणी के लिए किया जाता है | भाषा वह साधन है जिसके द्वारा मनुष्य अपने विचारों को दूसरों तक पहुंचाता है और दूसरों के विचार समझ पाता है | यद्यपि कुछ कार्य संकेतों और शारीरिक कष्टों के द्वारा किया जा सकता है लेकिन यह पर्याप्त … Read more

पारिभाषिक शब्दावली : अर्थ, परिभाषा एवं स्वरूप

पारिभाषिक शब्द अंग्रेजी के ‘टेक्निकल’ शब्द का हिंदी अनुवाद है | ‘टेक्निकल’ शब्द ग्रीक भाषा के ‘टेक्निक्स’ शब्द से बना है, जिसका अर्थ है – विशिष्ट कला का या विज्ञान का या कला के बारे में |इस आधार पर पारिभाषिक शब्द वे शब्द होते हैं, जो किसी विशिष्ट कला या विज्ञान की किसी शाखा से … Read more

गिल्लू : महादेवी वर्मा ( Gillu : Mahadevi Verma )

( गिल्लू ( महादेवी वर्मा ) एक संस्मरणात्मक निबंध है जिसमें लेखिका ने अपनी पालतू गिलहरी के जीवन – प्रसंगों का चित्रण किया है | ) सोनजुही में आज एक पीली कली लगी है | इसे देखकर अनायास ही उस छोटे जीव का स्मरण हो आया, जो इस लता की सघन हरीतिमा में छिप कर … Read more

उत्साह : आचार्य रामचंद्र शुक्ल ( Utsah : Acharya Ramchandra Shukla )

दुख के वर्ग में जो स्थान भय का है, वही स्थान आनंद-वर्ग में उत्साह का है | दुख हम प्रस्तुत कठिन स्थिति के नियम से विशेष रूप में दुखी और कभी-कभी उस स्थिति से अपने को दूर रखने के लिए प्रयत्नवान् भी होते हैं | उत्साह में हम आने वाली कठिन स्थिति के भीतर साहस … Read more

पत्रकारिता के प्रकार / क्षेत्र या आयाम

आरंभ में पत्रकारिता केवल समाचारों के संकलन व प्रकाशन तक ही सीमित थी परंतु बढ़ती हुई जनसंख्या, लोगों की बदलती रुचियों, सामाजिक-राजनीतिक परिवर्तनों और विज्ञान के नए-नए आविष्कारों ने पत्रकारिता को विविध आयामी बना दिया है | आज पत्रकारिता का क्षेत्र केवल समाचार पत्र तक सीमित न रहकर दूरदर्शन, आकाशवाणी, चलचित्र, इंटरनेट आदि क्षेत्रों तक … Read more

पत्रकारिता : अर्थ, परिभाषा, स्वरूप एवं महत्त्व

पत्रकारिता का सीधा संबंध समाचार पत्रों व पत्रिकाओं से है | कोई भी महत्वपूर्ण घटना जो लोगों को प्रभावित करती हो या जिससे लोग रोमांचित होते हों, समाचार कहलाती है | समाचार जिस पत्र में प्रकाशित होते हैं, वह समाचार पत्र कहलाते हैं और जिस प्रक्रिया के माध्यम से समाचार लिखित रूप तक पहुंचते हैं, … Read more

आशा का अंत : बालमुकुंद गुप्त ( Asha Ka Ant : Balmukund Gupt )

( ‘आशा का अंत’ बालमुकुंद गुप्त द्वारा लिखित एक व्यंग्य लेख है जो ब्रिटिश सरकार की शोषणकारी नीतियों व कुशासन पर तीखा प्रहार करता है | ) माई लार्ड! अब के आप के भाषण ने नशा किरकिरा कर दिया | संसार के सब दु:खों और समस्त चिंताओं को जो शिवशंभू शर्मा दो चुल्लू बूँटी पीकर … Read more

बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ( Baba Saheb Bheemrav Ambedkar )

( यहाँ NCERT की बारहवीं कक्षा की हिंदी की पाठ्य पुस्तक ‘आरोह भाग -2’ में संकलित बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा लिखित दो विचारात्मक लेख दिए गए हैं – श्रम विभाजन और जाति प्रथा व मेरी कल्पना का आदर्श समाज ) श्रम विभाजन और जाति प्रथा : डॉ बी आर अंबेडकर ( Shram Vibhajan Aur … Read more

शिरीष के फूल : हजारी प्रसाद द्विवेदी ( Shirish Ke Phool : Hajari Prasad Dwivedi )

( ‘शिरीष के फूल’ हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा रचित प्रसिद्ध निबंध है जिसमें शिरीष के माध्यम से समाज तथा राजनीति के विभिन्न गूढ़ पक्षों को उजागर किया गया | निबंध में लालित्य, व्यंग्य तथा करुणा का अद्भुत समन्वय है | ) जहाँ बैठकर यह लेख लिख रहा हूँ उसके आगे-पीछे, दाएँ-बाएँ, शिरीष के अनेक पेड़ … Read more

नमक : रज़िया सज्जाद ज़हीर ( Namak : Razia Sajjad Zaheer )

( यहाँ NCERT की कक्षा 12वीं की हिंदी की पाठ्य पुस्तक ‘आरोह भाग -2’ में संकलित ‘नमक’ कहानी के मूल पाठ तथा अभ्यास के प्रश्नों को दिया गया है | ) उन सिख बीबी को देखकर सफिया हैरान रह गई थी, किस कदर वह उसकी माँ से मिलती थी | वही भारी भरकम जिस्म, छोटी-छोटी … Read more

चार्ली चैप्लिन यानी हम सब : विष्णु खरे

( यहाँ NCERT की 12वीं की हिंदी की पाठ्य पुस्तक ‘आरोह भाग 2’ में संकलित ‘चार्ली चैप्लिन यानी हम सब’ का मूल पाठ व अभ्यास के प्रश्न दिए गए हैं | ) यदि यह वर्ष चैप्लिन की जन्मशती का न होता तो भी चैपलिन के जीवन का एक महत्वपूर्ण वर्ष होता क्योंकि आज उनकी पहली … Read more

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