ध्रुवस्वामिनी का कथानक/कथासार ( Dhruvsvamini Ka Kathanak/kathasar )

जयशंकर प्रसाद ने हिंदी नाटक विधा को नए आयाम प्रदान किए | उन्होंने प्राय: ऐतिहासिक नाटक लिखे हैं | ध्रुवस्वामिनी नाटक भी एक ऐतिहासिक नाटक है जिसे प्रसाद जी ने अपनी साहित्यिक प्रतिभा के बल पर एक रसमय साहित्यिक रचना में परिवर्तित कर दिया है | ध्रुवस्वामिनी का कथानक गुप्त वंश के शासक चन्द्रगुप्त द्वितीय … Read more

‘मलबे का मालिक’ कहानी की तात्विक समीक्षा

‘मलबे का मालिक’ मोहन राकेश की एक प्रसिद्ध एवं अति चर्चित कहानी है | यह कहानी भारत-पाक विभाजन के परिणामस्वरूप उत्पन्न वैमनस्य का चित्रण करती है | ‘मलबे का मालिक’ कहानी की तात्विक समीक्षा कतिपय विद्वानों द्वारा निर्धारित छह तत्त्वों के आधार पर की जा सकती है | ये छह तत्त्व निम्नलिखित हैं — (1) … Read more

ध्रुवस्वामिनी का चरित्र चित्रण

ध्रुवस्वामिनी जयशंकर प्रसाद कृत ध्रुवस्वामिनी नाटक का सबसे प्रमुख तथा केंद्रीय पात्र है |  संपूर्ण नाटक की कथा ध्रुवस्वामिनी के इर्द-गिर्द घूमती है | वह चंद्रगुप्त की वाग्दत्ता पत्नी है लेकिन रामगुप्त शिखर स्वामी के षड्यंत्र से न केवल ध्रुवस्वामिनी से जबरन विवाह  कर लेता है बल्कि राज्य भी हड़प लेता है | शकराज नाटक का … Read more

राज्य, राजा और एक प्राचीन गणराज्य ( Kingdoms, Kings And An Early Republic )

( यहाँ NCERT की कक्षा 6 की इतिहास की पाठ्य पुस्तक ‘हमारे अतीत-1’ में संकलित ‘राज्य, राजा और एक प्राचीन गणराज्य’ अध्याय के महत्त्वपूर्ण तथ्यों को संकलित किया गया है | ) ◾ भारत में लगभग 3000 साल पहले गणराज्यों का विकास हुआ । मगध , कौशाम्बी , वज्जि प्रमुख गणराज्य थे । 🔷अश्वमेध यज्ञ … Read more

क्या बताती हैं हमें किताबें और कब्रें ( What Books And Burials Tell Us )

( यहाँ NCERT की कक्षा 6 की इतिहास की पाठ्य पुस्तक ‘हमारे अतीत-1’ में संकलित ‘क्या बताती हैं हमें किताबें और कब्रें’ अध्याय के महत्त्वपूर्ण तथ्यों को संकलित किया गया है | )  ◾वेद ( Vedas ) दुनिया के प्राचीनतम ग्रंथों में से एक हैं । इनकी संख्या चार है :- ऋग्वेद , सामवेद , … Read more

आरंभिक नगर ( इतिहास, कक्षा-6 )( The Earliest Cities )

( ‘आरंभिक नगर’ NCERT की कक्षा -6 की इतिहास की पाठ्य पुस्तक ‘हमारे अतीत -1’ में संकलित है | इसमें हड़प्पा सभ्यता का विवरण है | )      ◾आज से लगभग 4700 साल पहले भारत के उत्तर-पश्चिम भाग में एक विकसित नागरिक सभ्यता का विकास हुआ जिसे हड़प्पा सभ्यता कहा जाता है । सबसे … Read more

भोजन : संग्रह से उत्पादन तक ( From Hunting-Gathering To Growing Food )

( यहाँ NCERT की कक्षा 6 की इतिहास की पाठ्य पुस्तक ‘हमारे अतीत-1’ में संकलित ‘भोजन : संग्रह से उत्पादन तक ( From Hunting-Gathering To Growing Food )’ अध्याय के महत्त्वपूर्ण तथ्यों को संकलित किया गया है | ) ◾लोगों द्वारा पौधे उगाने और पशुओं की देखभाल करने की प्रक्रिया को ‘बसने की प्रक्रिया’ का … Read more

आरंभिक मानव की खोज में ( On The Trail Of The Earliest People )

( यहाँ NCERT की कक्षा 6 की इतिहास की पाठ्य पुस्तक ‘हमारे अतीत-1’ में संकलित ‘आरंभिक मानव की खोज में’ अध्याय के महत्त्वपूर्ण तथ्यों को संकलित किया गया है | ) ◾भारतीय उपमहाद्वीप में 20 लाख साल पहले जो लोग रहा करते थे उन्हें आखेटक-खाद्य-संग्राहक के नाम से जाना जाता है । ◾आखेटक-खाद्य-संग्राहक लोगों को … Read more

क्या, कब, कहाँ और कैसे ( WHAT, WHEN, WHERE AND HOW )

( यहाँ NCERT की कक्षा 6 की इतिहास की पाठ्य पुस्तक ‘हमारे अतीत-1’ में संकलित ‘क्या, कब, कहाँ और कैसे ( WHAT, WHEN, WHERE AND HOW ) अध्याय के महत्त्वपूर्ण तथ्यों को संकलित किया गया है | ) ◾नर्मदा नदी के तट पर कई लाख वर्षों से लोग रहते आए हैं । यहाँ रहने वाले … Read more

आचार्य रामचंद्र शुक्ल का साहित्यिक परिचय

जीवन परिचय आचार्य रामचंद्र शुक्ल हिंदी के प्रमुख निबंधकार एवं आलोचक माने जाते हैं | उनका जन्म सन 1884 को उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के अगोना नामक गाँव में हुआ | सन 1901 में इन्होंने मिशन हाई स्कूल से स्कूल फाइनल की परीक्षा पास की | कुछ समय तक उन्होंने इसी स्कूल में चित्रकला … Read more

बालमुकुंद गुप्त का साहित्यिक परिचय

जीवन-परिचय बाबू बालमुकुंद गुप्त भारतेंदु युग के प्रमुख साहित्यकार हैं | उनका जन्म हरियाणा के झज्जर जिले के गुड़ियाना गांव में 14 नवम्बर, 1865 ईo को हुआ | इनके पिता का नाम पूरनमल तथा पितामह का नाम लाला गोवर्धनदास था | इनका परिवार बख्शी राम वालों के नाम से प्रसिद्ध था | 15 वर्ष की … Read more

गैंग्रीन कहानी की तात्विक समीक्षा ( Gangrene Kahani Ki Tatvik Samiksha )

( यहाँ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित बी ए चतुर्थ सेमेस्टर की पाठ्य पुस्तक ‘कथाक्रम’ में संकलित गैंग्रीन कहानी की तात्विक समीक्षा प्रस्तुत की गई है |) ‘गैंग्रीन’ सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ की एक सुप्रसिद्ध कहानी है | पहले यह कहानी अज्ञेय जी के कहानी संकलन ‘विपथगा’ में ‘रोज’ नाम से प्रकाशित हुई थी | सन … Read more

तिब्बत के पथ पर : राहुल सांकृत्यायन ( Tibbat Ke Path Par : Rahul Sankrityayan )

( तिब्बत के पथ पर राहुल सांस्कृत्यायन द्वारा रचित यात्रा वृतांत है जिसमें उन्होंने अपनी तिब्बत यात्रा का रोचक व ज्ञानवर्धक वर्णन किया है | ) आज सवेरे-सवेरे थोड़ा-थोड़ा पानी बरस रहा था | बड़े सवेरे ही शौच आदि से निवृत हो मैंने तमंग तरुण से साथ चलने को कहा | उसे अपने खेत को … Read more

‘पुरस्कार’ कहानी की तात्विक समीक्षा

‘पुरस्कार‘ जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित एक प्रसिद्ध कहानी है | प्रस्तुत कहानी के माध्यम से प्रसाद जी ने अपनी अन्य कहानियों व नाट्य-कृतियों की भाँति राष्ट्रीय भावना का परिचय देते हुए मानव-प्रेम पर देश-प्रेम की की महत्ता प्रतिपादित की है | किसी भी कहानी की समीक्षा के लिए विद्वानों ने कुछ तत्त्व निर्धारित किए हैं … Read more

सदाचार का ताबीज : हरिशंकर परसाई ( Sadachar Ka Tabeez : Harishankar Parsai )

( यहाँ हरिशंकर प्रसाद द्वारा रचित व्यंग्य लेख ‘सदाचार का ताबीज’ का मूल पाठ तथा उसके मूल भाव को दिया गया है | ) एक राज्य में हल्ला मचा कि भ्रष्टाचार बहुत फैल गया है | राजा ने एक दिन दरबारियों से कहा, “प्रजा बहुत हल्ला मचा रही है कि सब जगह भ्रष्टाचार फैला हुआ … Read more

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