स्वच्छन्दतावाद ( Romanticism )
18वीं शताब्दी तक पाश्चात्य साहित्यधारा कुछ काव्य-नियमों में जकड़ी हुई थी। लेकिन 19वीं शताब्दी के आरम्भ में इन काव्य-नियमों के प्रति विद्रोह के फलस्वरूप एक नवीन साहित्यधारा का अभ्युदय हुआ। विद्वानों ने इस नवीन काव्यधारा को स्वच्छन्दतावाद ( Romanticism ) की संज्ञा प्रदान की। रूसो इस विचारधारा के प्रवर्तक थे। उन्होंने स्पष्ट घोषणा की थी … Read more