व्यक्तित्व का अर्थ व विशेषताएँ ( प्रकृति या स्वरूप )

व्यक्तित्व का अर्थ (Meaning of Personality) ‘व्यक्तित्व’ को अंग्रेजी में Personality कहते हैं, जो लैटिन शब्द ‘Persona’ (परसोना) से बना है। प्राचीन काल में इसका अर्थ ‘नकाब’ या ‘मुखौटा’ होता था जिसे नाटक के पात्र पहनते थे। साधारण शब्दों में, व्यक्तित्व केवल व्यक्ति का बाहरी रूप या रंग-रूप नहीं है, बल्कि उसके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और संवेगात्मक गुणों का … Read more

संप्रेषण का अर्थ व प्रकार ( मौखिक व गैर-मौखिक/ अमौखिक संप्रेषण )

संप्रेषण का अर्थ — संप्रेषण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से एक व्यक्ति अपने विचार, भावनाएँ और सूचनाएँ दूसरे व्यक्ति तक पहुँचाता है। इसमें संदेश भेजने वाला, संदेश, माध्यम और प्राप्त करने वाला शामिल होता है। संप्रेषण का मुख्य उद्देश्य आपसी समझ विकसित करना है। यह सामाजिक, शैक्षिक और व्यावसायिक जीवन का आधार है। प्रभावी … Read more

संप्रेषण के उपकरण (परंपरागत और आधुनिक)

संप्रेषण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से एक व्यक्ति अपने विचार, भावनाएँ और सूचनाएँ दूसरे व्यक्ति तक पहुँचाता है। इसके द्वारा आपसी समझ, सहयोग और सामाजिक संपर्क स्थापित होता है। यह मानव जीवन की एक आवश्यक प्रक्रिया है। संप्रेषण के उपकरण संप्रेषण के उपकरणों को दो भागों में बाँटा जा सकता है — (क ) … Read more

संप्रेषण का अर्थ एवं उसका महत्त्व / उपयोगिता / उद्देश्य

संप्रेषण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से एक व्यक्ति अपने विचार, भावनाएँ और सूचनाएँ दूसरे व्यक्ति तक पहुँचाता है। इसमें संदेश भेजने वाला और प्राप्त करने वाला दोनों सक्रिय भूमिका निभाते हैं। यह आपसी समझ और सहयोग का आधार है। संप्रेषण का महत्त्व (1) सामाजिक संबंधों को मजबूत बनाता है — संप्रेषण से लोगों के … Read more

संप्रेषण का अर्थ एवं इसके तत्त्व ( संप्रेषण की प्रक्रिया )

संप्रेषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक व्यक्ति अपने विचार, भावनाएँ और सूचनाएँ दूसरे व्यक्ति तक पहुँचाता है तथा दूसरा व्यक्ति उन्हें समझता है। यह विचारों के आदान-प्रदान की एक प्रभावी सामाजिक प्रक्रिया है। संप्रेषण के प्रमुख तत्त्व संप्रेषण के छह प्रमुख तत्त्व हैं जिनके माध्यम से संप्रेषण की प्रक्रिया पूरी होती है — (1) … Read more

संप्रेषण : अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ /प्रकृति या स्वरूप

संप्रेषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक व्यक्ति अपने विचार, भावनाएँ, सूचना या संदेश दूसरे व्यक्ति तक पहुँचाता है और दूसरा व्यक्ति उसे समझता है। यह विचारों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया है। संप्रेषण शब्द संस्कृत भाषा के “सम् + प्रेषण” से बना है।सम् का अर्थ है — पूर्ण रूप से / साथ मेंप्रेषण का अर्थ … Read more

अध्याय 4 : विचारक, विश्वास और इमारतें ( कक्षा 12 इतिहास )

प्रश्न 1. क्या उपनिषदों के दार्शनिकों के विचार नियतिवादियों और भौतिकवादियों से भिन्न थे? अपने जवाब के पक्ष में तर्क दीजिए। उत्तर — उपनिषद भारतीय दर्शन का बहुत महत्त्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनमें जीवन, मृत्यु, आत्मा, ब्रह्म और मोक्ष जैसे प्रश्नों पर गंभीर चिंतन मिलता है। उपनिषदों के दार्शनिकों ने यह माना कि हर व्यक्ति के … Read more

अध्याय 3 : बंधुत्व, जाति तथा वर्ग ( कक्षा 12 इतिहास )

प्रश्न 1. स्पष्ट कीजिए कि विशिष्ट परिवारों में पितृवंशिकता क्यों महत्वपूर्ण रही होगी? उत्तर — पितृवंशिकता वह व्यवस्था थी जिसमें वंश का पता पिता से पुत्र और आगे पौत्र तक चलता था। कुलीन परिवारों के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण थी—इससे तय होता था कि पिता की मृत्यु के बाद संपत्ति और सत्ता किसे मिलेगी।अगर पुत्र … Read more

अध्याय 2 : राजा, किसान और नगर ( कक्षा 12 इतिहास )

प्रश्न 1. आरंभिक ऐतिहासिक नगरों में शिल्पकला के उत्पादन के प्रमाणों की चर्चा कीजिए। हड़प्पा के नगरों के प्रमाण से ये प्रमाण कितने भिन्न हैं? उत्तर– हालाँकि इन ऐतिहासिक नगरों में आज भी लोग रहते हैं, इसलिए उनकी पूरी खुदाई करना कठिन है, फिर भी यहाँ से कई कलाकृतियाँ मिली हैं। ये कलाकृतियाँ बताती हैं … Read more

अध्याय 1: ईंट, मनके तथा अस्थियाँ ( कक्षा 12 इतिहास )

प्रश्न 1 हड़प्पा सभ्यता के शहरों में लोगों को उपलब्ध भोजन की सूची बनाइए। इन वस्तुओं को उपलब्ध कराने वाले समूहों की पहचान कीजिए। उत्तर — भोजन उपलब्ध कराने वाले समूह (1) पेड़-पौधों से प्राप्त उत्पाद। संग्राहक (2)  मांस तथा मछली आखेटक (3) गेहूँ, जौ, दाल, सफ़ेद चना, बाजरा, चावल, तिल जैसे खाद्य-पदार्थ। कृषक समुदाय … Read more

अध्याय 7 : आधुनिकीकरण के रास्ते ( कक्षा 11 इतिहास )

अभ्यास के प्रश्न प्रश्न 1. मेजी पुनर्स्थापना से पहले की वे प्रमुख घटनाएँ कौन-सी थीं जिन्होंने जापान के तीव्र आधुनिकीकरण को संभव बनाया? उत्तर — मेजी पुनर्स्थापना से पहले जापान में कई ऐसे राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन हुए जिन्होंने देश को आधुनिक बनने के लिए तैयार किया। पहले जापान में वास्तविक सत्ता शोगुन के … Read more

अध्याय 6 : मूल निवासियों का विस्थापन ( कक्षा 11 इतिहास )

अभ्यास के प्रश्न प्रश्न 1. दक्षिणी और उत्तर अमरीका के मूल निवासियों के बीच के अंतर पर टिप्पणी कीजिए। उत्तर — उत्तर और दक्षिण अमरीका के मूल निवासियों की जीवन-शैली, आजीविका और सामाजिक संरचना में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।उत्तर अमरीका के मूल निवासी मुख्य रूप से शिकार, मछली पकड़ने और फल-कंद इकट्ठा करने पर … Read more

अध्याय 5: बदलती हुई सांस्कृतिक परंपराएँ ( कक्षा 11 इतिहास )

अभ्यास के प्रश्न प्रश्न 1. चौदहवीं और पंद्रहवीं शताब्दियों में यूनानी और रोमन संस्कृति के किन तत्वों को पुनर्जीवित किया गया? उत्तर — चौदहवीं और पंद्रहवीं शताब्दियों में यूरोप में जिस सांस्कृतिक आंदोलन ने जन्म लिया, उसे पुनर्जागरण कहा जाता है। इस काल में प्राचीन यूनानी और रोमन संस्कृति के अनेक महत्त्वपूर्ण तत्वों को फिर … Read more

अध्याय 4: तीन वर्ग ( कक्षा 11 इतिहास )

अभ्यास के प्रश्न प्रश्न 1. फ्रांस के प्रारंभिक सामंती समाज के दो लक्षणों का वर्णन कीजिए। उत्तर — फ्रांस का प्रारंभिक सामंती समाज मध्यकालीन यूरोप की एक विशिष्ट सामाजिक व्यवस्था था, जिसकी संरचना असमानता और परस्पर निर्भरता पर आधारित थी। इसके दो प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं— पहला लक्षण : तीन वर्गों में विभाजनफ्रांसीसी सामंती समाज … Read more

अध्याय 3: यायावर साम्राज्य ( कक्षा 11 इतिहास )

अभ्यास के प्रश्न प्रश्न 1. मंगोलों के लिए व्यापार इतना महत्त्वपूर्ण क्यों था? उत्तर — मंगोल एक यायावर (Nomadic) समाज थे, जो मुख्य रूप से मध्य एशिया के स्टेपी (Steppe – घास के मैदान) क्षेत्रों में रहते थे। इन क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति ऐसी थी कि यहाँ खेती करना बहुत कठिन था। अत्यधिक ठंड, कम … Read more

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