हरिवंश राय बच्चन की आत्मकथा ‘नीड़ का निर्माण फिर’ का सारांश
हिंदी के महान कवि हरिवंशराय बच्चन जी की यह आत्मकथा सिर्फ उनके जीवन की कहानी नहीं है। यह इंसान के संघर्ष, गिरने, फिर से उठने और हर हाल में जीने की इच्छा की एक बहुत बड़ी और सच्ची कहानी है। उनकी आत्मकथा चार भागों में छपी थी। इनमें से दूसरा भाग है— ‘नीड़ का निर्माण … Read more