हिंदी साहित्य के इतिहास लेखन की समस्याएँ
हिंदी साहित्य के इतिहास लेखन की परंपरा 19वीं शताब्दी से प्रारंभ हुई, जिसमें विदेशी विद्वानों जैसे गार्सां द तासी और जॉर्ज ग्रियर्सन से लेकर भारतीय विद्वानों जैसे शिवसिंह सेंगर, मिश्र बंधु, रामचंद्र शुक्ल, हजारीप्रसाद द्विवेदी, डॉ. नगेन्द्र, रामकुमार वर्मा और गणपति चंद्र गुप्त ने योगदान दिया। इस परंपरा ने हिंदी साहित्य को व्यवस्थित और वैज्ञानिक … Read more