इकाई – 1: आदिकाल से रीतिकाल तक : परिचय
▪️हिंदी कविता की विकास यात्रा : आदिकाल से रीतिकाल तक
▪️आदिकाल : काव्य प्रवृत्तियां एवं सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक परिस्थितियां
▪️भक्तिकाल : काव्य प्रवृत्तियां एवं सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक परिस्थितियां
▪️रीतिकाल : काव्य प्रवृत्तियां एवं सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक परिस्थतियां
इकाई – 2: आदिकालीन हिंदी कविता
▪️दोहा कोश (सरहपाद) :
संपादक – महापंडित राहुल सांकृत्यायन, बिहार राष्ट्रभाषा परिषद्, पटना। निर्धारित पद:
▪️कयमास वध (पृथ्वीराज रासो) : संपादक – माता प्रसाद गुप्त, लोकभारती प्रकाशन, प्रयागराज। निर्धारित छंद संख्या – 2, 5, 6, 7, 9, 10, 11, 12, 41, 43.
▪️गोरखबानी : संपादक – डॉ. पीतांबरदत्त बड़थ्वाल, आर्यवर्त्त संस्कृति संस्थान, दिल्ली। निर्धारित सबदी संख्या – 1, 4, 5, 6, 7, 8, 10, 11, 16, 19.
▪️विद्यापति की पदावली : संपादक – आचार्य श्रीरामलोचनशरण, संकलियता – श्री रामवृक्ष बेनीपुरी, पुस्तक भंडार, पटना। निर्धारित पद संख्या 1, 2, 3, 4, 5।
इकाई – 3: भक्तिकालीन हिंदी कविता
▪️कबीरदास : संपादक – आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी, राजकमल प्रकाशन, दिल्ली। निर्धारित पद संख्या – 5, 22, 35, 42, 43 और साखी – 199, 200, 201.
▪️मलिक मुहम्मद जायसी ‘पद्मावती’: संपादक – श्री वासुदेवशरण अग्रवाल, लोकभारती प्रकाशन, प्रयागराज। निर्धारित पाठ: नागमती वियोग खंड – छंद संख्या 341 से 350 तक।
▪️तुलसीदास : रामचरितमानस (अयोध्याकांड) : गीता प्रेस, गोरखपुर। निर्धारित पाठ: अयोध्याकांड – दोहा संख्या 1 से 10 तक (चौपाईयों सहित)।
▪️सूरदास (सूरसागर सार): संपादक – डॉ. धीरेंद्र वर्मा, साहित्य भवन प्रकाशन लिमिटेड, प्रयागराज। निर्धारित पाठ: विनय और भक्ति के पद – 1, 2, 3, 9, 12, 14, 16, 18, 2 , 25.
इकाई – 4: रीतिकालीन हिंदी कविता
▪️भूषण : शिवा बावनी, प्रधान संपादक – विश्वनाथ प्रसाद मिश्र, साहित्य सेवक कार्यालय, काशी। निर्धारित छंद संख्या – 1 से 15 तक।
▪️देव (रीतिकाव्य-संग्रह): संपादक – डॉ. जगदीश गुप्त, साहित्य भवन प्रकाशन लिमिटेड, प्रयागराज। निर्धारित पद संख्या – 5, 9, 14, 33, 43.
▪️घनानंद (घनानंद ग्रंथावली): निर्धारित पाठ: घननांद कवित्त – मूल ग्रंथ से 1 से 15 (कवित्त एवं सवैया)।
▪️बिहारी : बिहारी रत्नाकर : संपादक – श्री जगन्नाथदास ‘रत्नाकर’, जयभारती प्रकाशन, इलाहाबाद। निर्धारित दोहा संख्या – 1, 4, 8, 10, 11, 12, 15, 22, 27, 28, 34, 35, 37, 38, 41, 43, 85, 131, 171, 217 (कुल 20 दोहे ) ।