भारतीय काव्यशास्त्र एवं हिंदी आलोचना( एम ए तृतीय सेमेस्टर ) पेपर -1 ( M24-HIN-301/ CC 9) ( KUK )

इकाई 1

काव्य लक्षण या स्वरूप

काव्य गुण : अर्थ, परिभाषा और प्रकार ( Kavya Gun : Arth, Paribhasha Aur Swaroop )

काव्य-दोष : अर्थ, परिभाषा व प्रकार

काव्य के प्रमुख तत्त्व

काव्य हेतु : अर्थ, परिभाषा, स्वरूप और प्रासंगिकता या महत्त्व

काव्य हेतु का अर्थ एवं प्रकार / भेद

काव्य-प्रयोजन : अर्थ, परिभाषा, स्वरूप

काव्य : अर्थ, परिभाषा( काव्य लक्षण ) और स्वरूप

काव्य के भेद / प्रकार

महाकाव्य : अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं ( तत्त्व ) व स्वरूप

खंडकाव्य : अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं ( तत्त्व ) व स्वरूप

गीतिकाव्य : अर्थ, परिभाषा, प्रवृत्तियाँ /विशेषताएँ व स्वरूप

काव्य-प्रतिभा : अर्थ, परिभाषा, प्रकार

साधारणीकरण : अर्थ, परिभाषा एवं स्वरूप

इकाई 2

काव्यात्मा संबंधी विचार

रस सिद्धांत

अलंकार सिद्धांत : अवधारणा एवं प्रमुख स्थापनाएँ

वक्रोक्ति सिद्धांत : स्वरूप व अवधारणा

ध्वनि सिद्धांत

रीति सिद्धांत : अवधारणा एवं स्थापनाएँ

औचित्य सिद्धांत : अवधारणा एवं स्थापनाएं

इकाई 3

अभिधा शब्द-शक्ति : अर्थ व प्रकार

लक्षणा शब्द-शक्ति का अर्थ व प्रकार

व्यंजना शब्द-शक्ति की परिभाषा एवं भेद

अभिहितान्वयवाद : अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ व व्याख्या

अन्विताभिधानवाद का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ व व्याख्या

स्फोट, ध्वनि, वृत्तियाँ

इकाई 4

छंद की अवधारणा और परिवर्तन क्रम

हिंदी छंद शास्त्र का विकास /इतिहास

छंद के विविध आधार, लय, ताल, तुक |

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