चिंता सर्ग ( कामायनी ) : जयशंकर प्रसाद ( भाग 3 )

(1) एक नाव थी, और न उसमें डाँड़े लगते, या पतवार,तरल तरंगों में उठ-गिरकर बहती पगली बारंबार।लगते प्रबल थपेड़े, धुँधले तट का था कुछ पता नहीं,कातरता से भरी निराशा देख नियति पथ बनी वहीं। प्रसंग : प्रस्तुत अवतरण जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित महाकाव्य ‘कामायनी’ के ‘चिंता सर्ग’ से अवतरित है | प्रस्तुत काव्यांश में जलप्रलय … Read more

चिंता सर्ग ( कामायनी ) : जयशंकर प्रसाद ( भाग 2 )

(1) चिर-किशोर-वय,नित्यविलासी–सुरभित जिससे रहा दिगंतआज तिरोहित हुआ कहाँ वह मधु से पूर्ण अनंत वसंत?कुसुमित कुंजों में वे पुलकित प्रेमालिंगन हुए विलीन,मौन हुई हैं मूर्च्छित तानें और न सुन पड़ती अब बीन। प्रसंग : प्रस्तुत अवतरण जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित महाकाव्य ‘कामायनी’ के ‘चिंता सर्ग’ से अवतरित है | प्रस्तुत काव्यांश में जलप्रलय के बाद मनु … Read more

चिंता सर्ग ( कामायनी ) : जयशंकर प्रसाद ( भाग 1 )

(1) हिमगिरि के उत्तुंग शिखर पर, बैठ शिला की शीतल छाँह,एक पुरुष, भींगे नयनों से देख रहा था प्रलय प्रवाह ।नीचे जल था ऊपर हिम था, एक तरल था एक सघन,एक तत्व की ही प्रधानता-कहो उसे जड़ या चेतन । प्रसंग : प्रस्तुत अवतरण जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित महाकाव्य ‘कामायनी’ के ‘चिंता सर्ग’ से अवतरित … Read more

समकालीन हिंदी कविता की प्रमुख प्रवृत्तियाँ या विशेषताएँ

समकालीन हिंदी कविता की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं : (1) परंपरागत प्रभावों से मुक्ति : समकालीन हिंदी कविता ने छायावादी और रोमांटिक सौंदर्यबोध से मुक्ति पाई है, जो इसे अधिक यथार्थवादी बनाती है। यह कविता जीवन की कठोर वास्तविकताओं को सामने लाती है, आदर्शवाद से हटकर वर्तमान की जटिलताओं को दर्शाती है। कवि पारंपरिक प्रतीकों … Read more

समाचार : अर्थ, तत्त्व ( विशेषताएँ ) और लेखन शैली ( उलटा पिरामिड शैली )

समाचार वह सूचना होती है जो किसी ताज़ा, महत्वपूर्ण, रोचक या जन-सामान्य को प्रभावित करने वाली घटना के बारे में बताती है। यह वह जानकारी है जो जनता को देश, दुनिया, समाज, राजनीति, खेल, विज्ञान, व्यापार, मनोरंजन आदि से जुड़े हालिया घटनाक्रमों से अवगत कराती है। सरल शब्दों में — “समाचार वह सूचना है जो … Read more

भागी हुई लड़कियाँ ( आलोक धन्वा )

एक घर की ज़ंजीरें कितना ज़्यादा दिखाई पड़ती हैंजब घर से कोई लड़की भागती है क्या उस रात की याद आ रही हैजो पुरानी फ़िल्मों में बार-बार आती थी जब भी कोई लड़की घर से भागती थी?बारिश से घिरे वे पत्थर के लैंप पोस्ट सिर्फ़ आँखों की बेचैनी दिखाने भर उनकी रोशनी?और वे तमाम गाने … Read more

मेरी किस्मत में यही अच्छा रहा (चंद्रकांत देवताले )

मैं मरने से नहीं डरता हूँन बेवजह मरने की चाहत सँजोए रखता हूँ एक जासूस अपनी तहक़ीक़ात बख़ूबी करेयही उसकी नियामत है किराए की दुनिया और उधार के समय कीकैंची से आज़ाद हूँ पूरी तरह मुग्ध नहीं करना चाहता किसी कोमेरे आड़े नहीं आ सकती सस्ती और सतही मुस्कुराहटें मैं वेश्याओं की इज़्ज़त कर सकता … Read more

शब्दों की पवित्रता के बारे में ( चंद्रकांत देवताले )

रोटी सेंकती पत्नी से हँसकर कहा मैंनेअगला फुलका बिल्कुल चंद्रमा की तरह बेदाग़ हो तो जानूँउसने याद दिलाया बेदाग़ नहीं होता कभी चंद्रमा तो शब्दों की पवित्रता के बारे में सोचने लगा मैंक्या शब्द रह सकते हैं प्रसन्न या उदास केवल अपने सेवह बोली चकोटी पर पड़ी कच्ची रोटी को दिखातेयह है चंद्रमा जैसी दे … Read more

अब तो पथ यही है ( दुष्यंत कुमार )

दुष्यंत कुमार की कविता ‘अब तो पथ यही है’ निराशा और मजबूरी की भावना को दर्शाती है, जहाँ व्यक्ति जीवन की सच्चाइयों को स्वीकार कर लेता है। इस कविता में कहा गया है कि ज्वार का आवेग अब धीमा हो चला है और आकाश से भी कोई उम्मीद नहीं बची है। जब जीवन की परिस्थितियों … Read more

साये में धूप ( दुष्यंत कुमार )

“साए में धूप” दुष्यंत कुमार की एक प्रसिद्ध ग़ज़ल है, जो उनके संग्रह “साए में धूप” (1975) का हिस्सा है। यह ग़ज़ल हिंदी साहित्य में अपनी गहन संवेदनशीलता और सामाजिक चेतना के लिए जानी जाती है। इसमें दुष्यंत ने 1960 और 1970 के दशक की सामाजिक-राजनीतिक उथल-पुथल, अन्याय और आम आदमी की पीड़ा को व्यक्त … Read more

हो गई है पीर पर्वत सी ( दुष्यंत कुमार )

‘हो गई है पीर पर्वत सी’ सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था के प्रति आक्रोश और परिवर्तन की तीव्र इच्छा को दर्शाती है । यह कविता साधारण व्यक्ति के दुख और पीड़ा को एक विशाल पर्वत के समान बताती है, जिसे पिघलकर समाप्त हो जाना चाहिए। कवि का मानना है कि अब सिर्फ हंगामा खड़ा करना मकसद … Read more

ग्लोबल वार्मिंग : कारण, प्रभाव व रोकथाम के उपाय

ग्लोबल वार्मिंग या भूमण्डलीय तापन वह स्थिति है जब पृथ्वी के वायुमंडल और सतह का औसत तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका मुख्य कारण ग्रीनहाउस गैसों (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड) की मात्रा में वृद्धि है, जो सूर्य की गर्मी को पृथ्वी पर रोक लेती हैं और उसे वापस अंतरिक्ष में नहीं जाने … Read more

ओजोन की परत : क्षय के कारण, प्रभाव व समाधान

ओजोन की परत ( Ozone Layer ) : ओजोन परत पृथ्वी के वायुमंडल की समताप मंडल (Stratosphere) में स्थित एक गैसीय परत है, जो मुख्यतः ओजोन गैस (O₃) से बनी होती है। यह परत लगभग 10 से 50 किलोमीटर की ऊँचाई पर पाई जाती है और सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (Ultraviolet Rays ) … Read more

अम्लीय वर्षा : अर्थ, परिभाषा, कारण और प्रभाव

अम्लीय वर्षा : अर्थ, परिभाषा, कारण और प्रभाव (Acid Rain : Meaning, Definition, Causes and Effects ) अर्थ: अम्लीय वर्षा वह वर्षा है जिसमें पानी के साथ अम्लीय तत्व जैसे सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल घुल जाते हैं। परिभाषा: जब वायुमंडल में मौजूद सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ) जलवाष्प के साथ मिलकर अम्ल बनाते … Read more

वस्तुनिष्ठ प्रश्न ( पाश्चात्य काव्यशास्त्र एवं साहित्यालोचन )

प्लेटो ( 427 ईo पूo से 347 ईo पूo ) (1) प्लेटो ने काव्य को किस प्रकार का अनुकरण माना है? उत्तर: यथार्थ का त्रितीय अनुकरण। (2) प्लेटो ने कवियों को गणराज्य से क्यों निष्कासित करने को कहा ? उत्तर: क्योंकि वे तर्क की अपेक्षा भावनाओं को उत्तेजित करते हैं। (3) प्लेटो के अनुसार काव्य … Read more

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