मेरी किस्मत में यही अच्छा रहा (चंद्रकांत देवताले )
मैं मरने से नहीं डरता हूँन बेवजह मरने की चाहत सँजोए रखता हूँ एक जासूस अपनी तहक़ीक़ात बख़ूबी करेयही उसकी नियामत है किराए की दुनिया और उधार के समय कीकैंची से आज़ाद हूँ पूरी तरह मुग्ध नहीं करना चाहता किसी कोमेरे आड़े नहीं आ सकती सस्ती और सतही मुस्कुराहटें मैं वेश्याओं की इज़्ज़त कर सकता … Read more