भक्तिकाल की परिस्थितियाँ
भक्तिकाल को हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग कहा जाता है जिसकी समय-सीमा संवत 1375 से संवत 1700 (लगभग 1318-1643 ई.) तक मानी जाती है। यह काल भक्ति आंदोलन के उदय और प्रसार का काल था, जिसने हिंदी साहित्य को आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध किया। भक्तिकाल की साहित्यिक परिस्थितियाँ राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और … Read more