बड़े भाई साहब ( हिंदी कहानी ) : मुंशी प्रेमचंद
Bade Bhai Sahab (Hindi Kahani ): Munshi Premchand मेरे भाई साहब मुझसे पाँच साल बडे थे, लेकिन तीन दरजे आगे। उन्होने भी उसी उम्र में पढना शुरू किया था जब मैने शुरू किया; लेकिन तालीम जैसे महत्व के मामले में वह जल्दीबाजी से काम लेना पसंद न करते थे। इस भवन कि बुनियाद खूब मजबूत … Read more