वस्तुनिष्ठ प्रश्न ( पाश्चात्य काव्यशास्त्र एवं साहित्यालोचन )

प्लेटो ( 427 ईo पूo से 347 ईo पूo )

(1) प्लेटो ने काव्य को किस प्रकार का अनुकरण माना है?

उत्तर: यथार्थ का त्रितीय अनुकरण।

(2) प्लेटो ने कवियों को गणराज्य से क्यों निष्कासित करने को कहा ?

उत्तर: क्योंकि वे तर्क की अपेक्षा भावनाओं को उत्तेजित करते हैं।

(3) प्लेटो के अनुसार काव्य का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर: यह नैतिक पतन का कारण बनता है।

(4) प्लेटो ने कवियों को किस लिये डरावना या खतरनाक बताया?

उत्तर: बच्चों और युवाओं के मन को भ्रमित करने के कारण।

(5) प्लेटो के अनुसार कवि किसके नियंत्रण में नहीं रहते?

उत्तर: तर्क और बुद्धि के।

(6) प्लेटो किस रूप में सत्य को मानते हैं?

उत्तर: आदर्श रूपों ( ideas ) के रूप में।

(7) प्लेटो ने किस ग्रंथ में कवियों की आलोचना की है?

उत्तर: रिपब्लिक (Republic)। ( अन्य रचनाएँ – सिंपोजियम, फेडो, फ्रेड्स )

(8) प्लेटो काव्य को किस प्रकार की कला मानते हैं?

उत्तर: अनुकरणात्मक (Imitative)।

(9) प्लेटो के अनुसार आदर्श राज्य में कवियों का स्थान क्या है?

उत्तर: उन्हें निष्कासित कर दिया जाना चाहिए।

(10) प्लेटो के अनुसार काव्य क्या नहीं सिखाता?

उत्तर: नैतिकता और सत्य।

(11) प्लेटो के अनुसार काव्य किस भावना को बढ़ावा देता है?

उत्तर: आवेग और भावुकता।

(12) प्लेटो किस प्रकार के काव्य को कुछ सीमा तक स्वीकार करते हैं?

उत्तर: नैतिक और धार्मिक उद्देश्य वाला काव्य।

(13) प्लेटो ने काव्य को क्या कहा है — सत्य या भ्रम?

उत्तर: भ्रम (Illusion)।

(14) प्लेटो के अनुसार कौन-सी विधाएँ सबसे अधिक हानिकारक हैं?

उत्तर: ट्रेजडी और महाकाव्य।

(15) प्लेटो का अनुकरण सिद्धांत / अनुकृति सिद्धांत क्या है?

उत्तर : प्लेटो के अनुकरण सिद्धांत (Theory of Mimesis) के अनुसार काव्य यथार्थ का अनुकरण (Imitation) है। यह ईश्वर द्वारा रचे गए आदर्श रूप (Ideal Forms) का तीसरे स्तर का अनुकरण है, इसलिए यह सत्य से दूर और भ्रमात्मक होता है।

(16) प्लेटो का प्रेरणा सिद्धांत ( Theory Of Divine Inspiration ) क्या है?

उत्तर : प्लेटो के प्रेरणा सिद्धांत (Theory of Divine Inspiration ) के अनुसार, कवि रचना करते समय किसी तर्क या ज्ञान के आधार पर नहीं, बल्कि एक दिव्य प्रेरणा (Divine Madness ) से संचालित होता है। वह कहता है कि कवि एक माध्यम (medium) होता है, जिसके माध्यम से देवता या दैवी शक्ति बोलती है। कवि स्वयं यह नहीं जानता कि वह क्या कह रहा है — वह एक प्रकार की “उन्मादपूर्ण स्थिति” में होता है।

(17) प्लेटो के गुरु का नाम बताओ |

उत्तर : प्लेटो के गुरु का नाम सुकरात था |

(18) प्लेटो ने सद्काव्य ( अच्छा काव्य ) के कौन से दो गुण बताये?

उत्तर : प्लेटो ने कहा कि अच्छा काव्य वही है जो अच्छे संस्कार दे और झूठ न फैलाए।

(19) “अनुकरण का सिद्धांत अज्ञानता से उत्पन्न हुआ है” यह कथन किसका है?

उत्तर : प्लेटो का |

(20) प्लेटो के अनुसार काव्य क्या है?

उत्तर : प्लेटो के अनुसार काव्य सत्य के अभिव्यक्ति नहीं बल्कि अनुकरण का अनुकरण है |

अरस्तू (384 ईo पूo से 322 ईo पूo )

(1) अरस्तू ने किस ग्रंथ में काव्यशास्त्र पर विचार प्रस्तुत किए हैं?

उत्तर: Poetics

(2) अरस्तू किस देश का दार्शनिक था?

उत्तर: यूनान (Greece)

(3) अरस्तू का गुरु कौन था?

उत्तर: प्लेटो

(4) अरस्तू के अनुसार काव्य किसका अनुकरण है?

उत्तर: क्रियाओं का (Actions)

(5) अरस्तू ने किस कला को काव्य ( महाकाव्य) से उच्च माना?

उत्तर: त्रासदी (Tragedy)

(6) अरस्तू के अनुसार काव्य का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

उत्तर: आनन्द व शुद्धिकरण (Catharsis)

(7) अरस्तू के अनुकरण सिद्धांत को अंग्रेजी में क्या कहते हैं?

उत्तर: Theory of Mimesis

(8) अरस्तू ने ‘अनुकरण’ को किस प्रकार का कार्य कहा है?

उत्तर: सृजनात्मक (Creative)

(9) अरस्तू के अनुसार त्रासदी के छह तत्वों में सर्वोच्च क्या है?

उत्तर: कथानक (Plot)

(10) अरस्तू के अनुसार काव्य और इतिहास में क्या अंतर है?

उत्तर: काव्य सम्भाव्य का वर्णन करता है, इतिहास वास्तविक का।

(11) अरस्तू ने काव्य की तुलना किससे की है?

उत्तर: दर्शन से

(12) अरस्तू के अनुसार अनुकरण मानव का कौन-सा गुण है?

उत्तर: प्राकृतिक / स्वाभाविक गुण

(13) अरस्तू के अनुसार त्रासदी किस भावना की शुद्धि करती है?

उत्तर: करुणा और भय

(14) अरस्तू ने त्रासदी में किस प्रकार के चरित्र को उपयुक्त माना है?

उत्तर: साधारण मानव (न अति श्रेष्ठ, न अति दुष्ट)

(15) अरस्तू ने त्रासदी में ‘Hamartia’ किसे कहा है?

उत्तर: त्रुटि या भूल

(16) अरस्तू के अनुसार महाकाव्य और त्रासदी में किसे श्रेष्ठ माना गया है?

उत्तर: त्रासदी

(17) अरस्तू ने त्रासदी के कितने तत्त्व माने हैं?

उत्तर : अरस्तू ने त्रासदी के छः तत्त्व माने हैं — (i) कथानक, (ii) चरित्र, (iii) विचार, (iv) पद-विन्यास, (v) दृश्य-विधान और (vi ) गीत |

(18) अरस्तू ने काव्य को किस प्रकार की कला माना?

उत्तर: सर्जनात्मक (Creative Art)

(19) अरस्तू के अनुसार काव्य किस माध्यम से अनुकरण करता है?

उत्तर: भाषा, लय और संगीत

(20) अरस्तू ने काव्य और इतिहास में से किसे श्रेष्ठ माना है ?

उत्तर: काव्य

(21) अरस्तू के अनुसार काव्य में किस प्रकार की घटनाएँ होनी चाहिए?

उत्तर: संगठित और संभाव्य

(22) अरस्तू की तीन रचनाएँ बताइये |

उत्तर : पोएटिक्स, पॉलिटिक्स, रेटोरीक |

(23) अरस्तू द्वारा दिये गये काव्य सिद्धांत बताइये |

उत्तर : अनुकरण सिद्धांत, विरेचन सिद्धांत और त्रासदी सिद्धांत |

(24) अरस्तू के अनुसार त्रासदी क्या है?

उत्तर : अरस्तू के अनुसार त्रासदी एक ऐसी काव्य रचना है जो किसी गंभीर और पूर्ण क्रिया का अनुकरण करती है, जो दर्शकों में करुणा और भय की भावना पैदा करके उनके मन का शुद्धिकरण (Catharsis) करती है।

(25) सिकंदर का गुरु कौन था?

उत्तर : अरस्तू |

(26) प्लेटो अपनी ‘अकादमी का मस्तिष्क’ किसे कहा करता था?

उत्तर : अरस्तू को |

(27) ‘विरेचन’ शब्द का क्या अर्थ है?

उत्तर : ‘विरेचन’ शब्द मूलत: चिकित्सा शास्त्र का है जिसका अर्थ है रेचक औषधि द्वारा शारीरिक विकारों की शुद्धि | अरस्तू ने ‘विरेचन’ शब्द का अर्थ भावनाओं के शुद्धिकरण से लिया है |

(28) अरस्तू के विरेचन सिद्धांत की दो विशेषताएँ बताइये |

उत्तर : भावनाओं का शुद्धिकरण व मानसिक संतुलन |

(29) अरस्तू के ‘अनुकरण सिद्धांत’ की दो विशेषताएँ बताइये |

उत्तर : (i) काव्य सृजनात्मक होता है, (ii) अनुकरण मनुष्य का स्वाभाविक गुण है |

लोंजाइनस का उदात्त सिद्धांत

(1) लोंजाइनस किस ग्रंथ के लिए प्रसिद्ध हैं?

उत्तर: On the Sublime

(2) ‘On the Sublime’ की विषय-वस्तु मुख्यतः किस पर केंद्रित है?

उत्तर: साहित्य में उदात्तता की प्रकृति और उसके स्रोत

(3) लोंजाइनस के अनुसार उदात्त साहित्य का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: पाठक के मन में विस्मय और प्रशंसा उत्पन्न करना

(4) लोंजाइनस के अनुसार ‘Sublime’ किस प्रकार का गुण है?

उत्तर: सौंदर्य का उच्चतम रूप

(5) लोंजाइनस किस देश के दार्शनिक थे?

उत्तर: ग्रीस

(6) लोंजाइनस ने उदात्तता प्राप्त करने के लिए कितने स्रोत बताए हैं ?

उत्तर: पाँच

(7) लोंजाइनस के अनुसार ‘Sublimity’ ( उदात्तता) का सर्वोच्च उदाहरण कौन-सी शैली में मिलता है?

उत्तर: शैली जिसमें महान विचार और भावपूर्ण भाषा होती है

(8) लोंजाइनस के अनुसार उदात्त ( Sublime ) की सबसे बड़ी शक्ति क्या है?

उत्तर: मन को ऊँचाई और प्रशंसा की ओर ले जाना

(9) लोंजाइनस किस युग के साहित्यिक आलोचक माने जाते हैं?

उत्तर: क्लासिकल युग (प्राचीन काल)

(10) लोंजाइनस ने ‘On the Sublime’ किस भाषा में लिखा था?

उत्तर: ग्रीक

(11) लोंजाइनस ने उदात्तता के लिए कितने स्रोतों को प्राकृतिक और कितने को कला पर आधारित बताया है?

उत्तर: दो प्राकृतिक, तीन कलात्मक

(12) लोंजाइनस के अनुसार प्रथम प्राकृतिक स्रोत क्या है?

उत्तर: महान विचार (Grandeur of thought)

(13) लोंजाइनस के अनुसार दूसरा प्राकृतिक स्रोत क्या है?

उत्तर: शक्तिशाली और तीव्र भावनाएँ (Vehement emotions)

(14) कलात्मक स्रोतों में कौन-सा प्रमुख है?

उत्तर: उचित भाषा का चयन और उसका सटीक प्रयोग

(15) लोंजाइनस ने किस प्रकार की भाषा को Sublime ( उदात्त ) के लिए अनुपयुक्त बताया है?

उत्तर: अति आलंकारिक और कृत्रिम भाषा

(16) लोंजाइनस के अनुसार ‘साधारण’ और ‘उदात्त’ शैली में क्या अंतर है?

उत्तर: साधारण शैली सीमित प्रभाव डालती है, जबकि उदात्त शैली विस्मय उत्पन्न करती है

(17) ‘On the Sublime’ ग्रंथ किस लेखक के उत्तर के रूप में लिखा गया था?

उत्तर: सेसियस (Caecilius) की कृति की आलोचना स्वरूप

(18) लोंजाइनस ने उदात्तता का विरोधी क्या माना है?

उत्तर: घटिया और निम्न स्तर की भाषा या भाव |

(19) लोंजाइनस किस प्रसिद्ध दार्शनिक से प्रभावित माने जाते हैं?

उत्तर: प्लेटो

(20) लोंजाइनस के अनुसार उदात्त (Sublime) की अंतिम कसौटी क्या है?

उत्तर: क्या वह भाव पाठक के हृदय में स्थायी प्रभाव छोड़ता है |

(21) लोंजाइनस ने उदात्तता प्राप्त करने के लिए कितने स्रोत बताए हैं ? उनके नाम बताइये |

उत्तर — लोंजाइनस ने उदात्तता के निम्नलिखित पाँच स्रोत बताये हैं :

(i) महान विचार (Grandeur of Thought)

(ii) शक्तिशाली भावनाएँ (Vehement Emotion)

(iii) उपयुक्त अलंकार (Figures of Speech)

(iv) उत्तम भाषा शैली (Noble Diction)

(v) उदात्त रचना विन्यास (Dignified Composition or Arrangement of Words)

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