संस्मरण किसे कहते हैं? संस्मरण विधा के आधार पर ‘बयालीस के ज्वार की लहरों में’ की समीक्षा

संस्मरण हिंदी गद्य साहित्य की एक बहुत ही महत्वपूर्ण विधा है, जिसका शाब्दिक अर्थ है ‘सम्यक स्मरण’ यानी किसी बात को भली-भांति याद करना। जब कोई लेखक अपने जीवन में घटी किसी महत्त्वपूर्ण घटना, अपने संपर्क में आए किसी विशेष व्यक्ति, या किसी विशिष्ट ऐतिहासिक कालखंड की यादों को अपनी स्मृति के आधार पर कलात्मक … Read more

‘बयालीस के ज्वार की लहरों में’ संस्मरण की विशेषताएँ / मूल संवेदना /उद्देश्य /संदेश / निहित राष्ट्रीय भावना

कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ जी द्वारा रचित संस्मरण ‘बयालीस के ज्वार की लहरों में’ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का एक सजीव और मार्मिक चित्रण है। इस पाठ में लेखक ने बताया है कि कैसे 9 अगस्त 1942 को सभी बड़े नेताओं के जेल जाने के बाद भी भारत की जनता बिना … Read more

​प्रस्तुति कौशल क्या है? ​प्रस्तुति कौशल को बेहतर बनाने की तकनीक या उपाय

​प्रस्तुति कौशल (Presentation Skills) ​प्रस्तुति कौशल क्या है? प्रस्तुति कौशल का सरल अर्थ है—अपने विचारों, सूचनाओं या ज्ञान को किसी समूह के सामने इस प्रकार रखना कि वे उसे आसानी से समझ सकें और उससे प्रभावित हों। यह केवल ‘बोलना’ नहीं है, बल्कि अपनी बात को सही ढंग से ‘पहुँचाने’ की कला है। चाहे स्कूल … Read more

साक्षात्कार किसे कहते हैं? साक्षात्कार की तकनीक या बेहतर बनाने के उपाय

साक्षात्कार (Interview) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें दो या दो से अधिक व्यक्ति किसी विशेष उद्देश्य के लिए आमने-सामने बैठकर बातचीत करते हैं। इसमें एक व्यक्ति (साक्षात्कारकर्ता) सवाल पूछता है और दूसरा व्यक्ति (साक्षात्कारार्थी) उन सवालों के जवाब देता है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यक्ति के ज्ञान, कौशल, आत्मविश्वास और उसके व्यक्तित्व की उपयुक्तता को परखना … Read more

शिष्टाचार का अर्थ व महत्त्व / आवश्यकता

शिष्टाचार का अर्थ — शिष्टाचार दो शब्दों ‘शिष्ट’ और ‘आचार’ से मिलकर बना है। ‘शिष्ट’ का अर्थ है सभ्य या सुसंस्कृत और ‘आचार’ का अर्थ है व्यवहार। अतः शिष्टाचार का शाब्दिक अर्थ है – सभ्य व्यवहार। समाज में दूसरों के साथ सम्मानपूर्वक, विनम्रता और शालीनता के साथ बातचीत करना और पेश आना ही शिष्टाचार कहलाता … Read more

नव्यतर गद्य विधाएँ ( BA 6th Semester Kuk ) ( महत्वपूर्ण प्रश्न )

इकाई 1 ( व्याख्या हेतु ) ▪️माधवप्रसाद मिश्र के पत्र ▪️नीड़ का निर्माण फिर ( हरिवंशराय बच्चन ) pdf 👇 ▪️जीप पर सवार इल्लियाँ ( शरद जोशी ) pdf 👇 ▪️बयालीस के ज्वार की लहरों में ( कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर ) pdf 👇 ▪️पुरुष और परमेश्वर ( रामवृक्ष बेनीपुरी ) pdf👇 ▪️चीड़ों पर चाँदनी ( … Read more

मूल्य ( Values ) क्या हैं? मूल्यों की शक्ति या महत्त्व / लाभ / उपयोगिता

मूल्य (Values) का सरल अर्थ है वे आदर्श, सिद्धांत या मानक जो हमें यह बताते हैं कि जीवन में क्या सही है और क्या गलत। ये हमारे चरित्र की नींव होते हैं और हमें एक अच्छा इंसान बनने के लिए प्रेरित करते हैं। जैसे—ईमानदारी, सत्य, प्रेम, अनुशासन और दूसरों का सम्मान करना। मूल्य ही वह … Read more

इमोशनल इंटेलिजेंस (भावनात्मक बुद्धिमत्ता) का अर्थ महत्त्व और बेहतर बनाने के उपाय

इमोशनल इंटेलिजेंस (भावनात्मक बुद्धिमत्ता) का सरल अर्थ है—अपनी और दूसरों की भावनाओं (Emotions) को समझने, उन्हें सही दिशा देने और उन्हें नियंत्रित करने की क्षमता। इसे ‘EQ’ भी कहा जाता है। यह हमें सिखाता है कि गुस्से, तनाव या दुख की स्थिति में खुद को कैसे संभालें और दूसरों के साथ अच्छे संबंध कैसे बनाए … Read more

टीम वर्क क्या है? टीम वर्क की विशेषताएँ व महत्त्व ( लाभ )

जब कुछ लोग मिलकर एक सामान्य लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी अलग-अलग क्षमताओं और कौशलों का उपयोग करते हैं, तो उसे टीम वर्क (सामूहिक कार्य) कहते हैं। इसमें “मैं” के बजाय “हम” की भावना सर्वोपरि होती है, जहाँ हर सदस्य एक-दूसरे की सफलता के लिए जिम्मेदार होता है। ​टीम वर्क की प्रमुख विशेषताएँ … Read more

सफलता और असफलता का अर्थ : सफलता के मार्ग में बाधाएँ, सफलता के लिए उत्तरदायी कारक

जीवन में सफलता और असफलता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जहाँ सफलता हमें खुशी और उत्साह देती है, वहीं असफलता हमें अनुभव और सुधार का अवसर प्रदान करती है। ​सफलता के मार्ग में आने वाली बाधाएँ ​सफलता प्राप्ति के सहायक/उत्तरदायी जिम्मेदार/कारक यह भी पढ़ें : ▪️हिंदी भाषा एवं संप्रेषण : व्यक्तित्व विकास ( … Read more

व्यक्तित्व विकास में भाषा और साहित्य का योगदान

व्यक्तित्व का अर्थ केवल शारीरिक बनावट या पहनावा नहीं है, बल्कि यह हमारे विचारों, व्यवहार और संवाद करने की क्षमता का मिश्रण है। इस विकास में भाषा और साहित्य की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। भाषा वह माध्यम है जिससे हम दुनिया से जुड़ते हैं, और साहित्य वह दर्पण है जो हमें जीवन के गहरे … Read more

हिंदी भाषा : परिचय, संवैधानिक स्थिति, वैश्विक स्थिति, महत्व और विशेषताएँ

. हिंदी भाषा: एक परिचय ​हिंदी भारत की सबसे प्रमुख और व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषा है। यह भारोपीय (Indo-European) भाषा परिवार की हिंद-आर्य शाखा से संबंधित है। हिंदी का मूल स्रोत संस्कृत है, जिसे सभी भारतीय भाषाओं की जननी कहा जाता है। ‘हिंदी’ शब्द मूलतः फारसी भाषा का है, जिसका अर्थ है—’हिंद … Read more

प्रभावी श्रवण के लाभ

​1. ज्ञान और बुद्धिमत्ता में वृद्धि श्रवण के माध्यम से हम दूसरों के अनुभवों, विचारों और ज्ञान को ग्रहण कर सकते हैं, जो हमारे स्वयं के मानसिक विकास के लिए आवश्यक है। यह सीखने की प्रक्रिया का मूल आधार है; जितना अधिक और ध्यानपूर्वक हम सुनते हैं, उतनी ही नई जानकारी और विविध दृष्टिकोण हमें … Read more

स्वामी विवेकानंद की व्यक्तित्व विकास की अवधारणा

स्वामी विवेकानंद आधुनिक भारत के उन महान विचारकों में से हैं जिन्होंने व्यक्तित्व विकास को केवल बाहरी व्यक्तित्व या व्यवहार तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे आत्मिक, मानसिक, नैतिक और सामाजिक विकास से जोड़ा। उनके अनुसार व्यक्ति का वास्तविक विकास तभी संभव है जब वह अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानकर उन्हें सकारात्मक दिशा में प्रयुक्त … Read more

व्यक्तित्व के विविध प्रकार

व्यक्तित्व के प्रकार व्यक्ति के स्वभाव, व्यवहार, सोच और समाज के साथ उसके संबंधों के आधार पर बताए जाते हैं। मनोवैज्ञानिकों ने व्यक्तित्व को समझने के लिए उसे अलग-अलग प्रकारों में बाँटा है। प्रमुख व्यक्तित्व प्रकार निम्नलिखित हैं— (1) अंतर्मुखी व्यक्तित्व (Introvert Personality) — अंतर्मुखी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति शांत स्वभाव के होते हैं। वे अधिकतर … Read more

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