वस्तुनिष्ठ प्रश्न ( AEC Hindi, BA -4th Semester KUK )

व्यक्तित्व विकास (Personality Development) नेतृत्व और प्रेरणा (Leadership & Motivation) लक्ष्य और सफलता (Goal & Success) टीमवर्क और संवेगात्मक बुद्धि (Teamwork & Emotional Intelligence) मूल्य और शिष्टाचार (Values & Etiquette) समय प्रबंधन (Time Management) तनाव प्रबंधन (Stress Management) विविध महत्वपूर्ण प्रश्न

हिंदी पत्रकारिता की वर्तमान समस्याएँ व समाधान

हिंदी पत्रकारिता की वर्तमान समस्याएँ 1. फेक न्यूज़ और भ्रामक सूचनाएँ: इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में फेक न्यूज़ का तेज़ी से फैलना सबसे बड़ी समस्या है। यह समाज में नफरत और ध्रुवीकरण बढ़ाती है, जिससे पत्रकारिता की साख और विश्वसनीयता पूरी तरह नष्ट हो रही है। बिना जाँचे ख़बरों को वायरल करने की … Read more

हिंदी पत्रकारिता की वर्तमान प्रवृत्तियाँ

हिंदी पत्रकारिता की वर्तमान प्रवृत्तियाँ 1. डिजिटल और वेब पत्रकारिता का विस्तार वर्तमान में सूचनाओं का डिजिटल होना हिंदी पत्रकारिता का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव है। अब समाचार पत्र ‘डिजिटल फर्स्ट’ रणनीति अपना रहे हैं, जहाँ खबरें पहले वेबसाइट या ऐप पर दी जाती हैं और प्रिंट अख़बार में बाद में आती हैं। वेब-पत्रिकाओं और … Read more

हिंदी के प्रमुख पत्र

1. उदन्त मार्तण्ड — यह हिंदी का प्रथम समाचार पत्र है, जिसका प्रकाशन 30 मई 1826 को कलकत्ता से साप्ताहिक रूप में शुरू हुआ था। इसके संपादक पंडित जुगल किशोर शुक्ल (युगुल किशोर सुकुल) थे। ‘उदन्त मार्तण्ड’ का शाब्दिक अर्थ है ‘उगता हुआ सूर्य’। इसी ऐतिहासिक पत्र के शुरू होने की याद में हर वर्ष … Read more

हिंदी के प्रमुख सम्पादक

1. पंडित युगल किशोर सुकुल या जुगल किशोर शुक्ल पंडित युगल किशोर सुकुल को हिंदी पत्रकारिता का आदि-संपादक (प्रथम संपादक) माना जाता है। उन्हें जुगल किशोर शुक्ल के नाम से भी जाना जाता है | वे मूल रूप से कानपुर के निवासी थे, लेकिन उन्होंने कर्मभूमि कलकत्ता (अब कोलकाता) को बनाया। 30 मई 1826 को … Read more

वस्तुनिष्ठ प्रश्न ( हिंदी पत्रकारिता,VOC – Hindi, BA -6th Semester KUK )

1. ‘उदन्त मार्तण्ड’ का प्रकाशन कब और कहाँ से हुआ?उत्तर- इसका प्रकाशन 30 मई, 1826 को कलकत्ता (अब कोलकाता) से साप्ताहिक रूप में प्रारंभ हुआ था।2. उदन्त मार्तण्ड पत्र के संपादक कौन थे?उत्तर- उदन्त मार्तण्ड के संपादक पं० जुगल किशोर शुक्ल थे, जो मूल रूप से कानपुर के निवासी थे।3. उदन्त मार्तण्ड का शाब्दिक अर्थ … Read more

भेंटवार्ता का अर्थ, प्रकार व उद्देश्य

भेंटवार्ता (साक्षात्कार): अर्थ, प्रकार और उद्देश्य पत्रकारिता और जनसंचार की दुनिया में समाचार और फीचर के बाद ‘भेंटवार्ता’ सबसे लोकप्रिय और प्रभावी विधा है। इसे हिंदी में ‘साक्षात्कार’ भी कहा जाता है। परीक्षा की दृष्टि से भेंटवार्ता का अर्थ, इसके प्रकार और उद्देश्यों का सरल व विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है: भेंटवार्ता (साक्षात्कार) का … Read more

रिपोर्टिंग का अर्थ, प्रकार व प्रक्रिया

रिपोर्टिंग: अर्थ, प्रकार और प्रक्रिया पत्रकारिता की पूरी इमारत ‘समाचारों’ पर टिकी है और समाचारों को जन्म देने का काम ‘रिपोर्टिंग’ (Reporting) के द्वारा ही होता है। रिपोर्टिंग के बिना न कोई अखबार छप सकता है और न कोई न्यूज़ चैनल चल सकता है। परीक्षा के दृष्टिकोण से रिपोर्टिंग का अर्थ, उसके प्रकार और प्रक्रिया … Read more

फीचर लेखन के आवश्यक तत्त्व / बातें या फीचर लेखन की प्रक्रिया / विधि

फीचर लेखन की प्रक्रिया / विधि या प्रविधि फीचर लिखना केवल सूचनाओं को छापना नहीं है, बल्कि यह एक रचनात्मक कला है। जहाँ समाचार ‘उल्टे पिरामिड शैली’ (महत्वपूर्ण बात सबसे पहले) में लिखा जाता है, वहीं फीचर को एक कथा या कहानी की तरह (कथात्मक शैली में) लिखा जाता है। एक सफल, रोचक और बेहतरीन … Read more

फीचर के प्रकार

फीचर और उसके प्रमुख प्रकार पत्रकारिता की दुनिया में ‘फीचर’ एक बहुत ही रोचक, रचनात्मक और मनोरंजक विधा है। जहाँ समाचार का काम केवल तथ्य और सूचना देना होता है, वहीं ‘फीचर’ सूचना देने के साथ-साथ पाठक का मनोरंजन भी करता है और उसे शिक्षित भी करता है। यह समाचार की तुलना में अधिक भावपूर्ण, … Read more

संपादन कला क्या है? संपादन कला के सामान्य सिद्धांत

संपादन कला: अर्थ और प्रमुख सिद्धांत पत्रकारिता की दुनिया में ‘संपादन’ (Editing) का बहुत महत्त्वपूर्ण स्थान है। कोई भी समाचार पत्र, पत्रिका या पुस्तक बिना संपादन के अपने पाठकों तक नहीं पहुँच सकती। यह पत्रकारिता की रीढ़ की हड्डी है। 1. संपादन कला का अर्थ ‘संपादन’ का सामान्य अर्थ है— रिपोर्टर (संवाददाता) द्वारा लाई गई … Read more

पत्रकारिता के मूल / अनिवार्य या आवश्यक तत्त्व

पत्रकारिता केवल घटनाओं को इकट्ठा करने और उन्हें छापने या दिखाने का नाम नहीं है। यह एक ज़िम्मेदार और संवेदनशील पेशा है, जिसकी इमारत कुछ निश्चित सिद्धांतों की नींव पर खड़ी होती है। एक ‘आदर्श पत्रकारिता’ के लिए निम्नलिखित मूल तत्त्वों का होना अत्यंत आवश्यक है: 1. सत्यता पत्रकारिता का पहला और सबसे बड़ा तत्त्व … Read more

पत्रकारिता के उद्देश्य

पत्रकारिता के उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारिता को विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बाद ‘चौथा स्तंभ’ (Fourth Pillar) माना जाता है। पत्रकारिता का काम केवल कुछ घटनाओं की सूचना देना या कागज़ पर शब्द छापना नहीं है, बल्कि यह समाज का मार्गदर्शन करने वाला एक बड़ा ‘मिशन’ है।परीक्षा के दृष्टिकोण से पत्रकारिता के प्रमुख उद्देश्यों … Read more

हिंदी पत्रकारिता ( BA 6th Semester VOC Hindi Kuk ) ( समग्र )

हिंदी पत्रकारिता बी ए 6th सेमेस्टर (B23-VOC-340) इकाई 1 ▪️पत्रकारिता : अर्थ, परिभाषा, स्वरूप एवं महत्त्व ▪️पत्रकारिता के प्रकार /रूप / क्षेत्र या आयाम ▪️पत्रकारिता के उद्देश्य ▪️पत्रकारिता के मूल / अनिवार्य या आवश्यक तत्त्व ▪️लोकतंत्र में पत्रकारिता का दायित्व ▪️जनसंचार के रूप में पत्रकारिता का महत्त्व ▪️संपादन कला क्या है? संपादन कला के सामान्य … Read more

रंगमंच ( BA 4th Semester VOC Hindi Kuk ) ( समग्र )

BA – 2nd Year ( 4th Semester ) ( B23-VOC-215) इकाई 1 ▪️रंगमंच का अर्थ, स्वरूप व हिंदी रंगमंच ▪️नाटक और रंगमंच: परिभाषा, व्यापक अर्थ और एक-दूसरे के पूरक ▪️हिंदी रंगमंच का उद्भव और विकास-यात्रा ▪️हिंदी रंगमंच की प्रमुख शैलियाँ ▪️हिंदी का व्यावसायिक रंगमंच: अर्थ और विकास-यात्रा ▪️हिंदी रंगमंच: समस्याएँ, चुनौतियाँ और समाधान इकाई 2 … Read more

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