स्वदेशी आंदोलन ( मुंशी प्रेमचंद )
हिन्दुस्तान के लगभग सभी प्रतिष्ठित पत्रों और पत्रिकाओं ने इस देशभक्तिपूर्ण आंदोलन का समर्थन किया है और जो पहले थोडा हिचकिचा रहे थे उनका भी अब विश्वास पक्का होता जाता है। मगर अभी अक्सर भलाई चाहने वालों की जबान से सुनने में आता है कि वह उन मुश्किलों का सामना करने के काबिल नहीं हैं … Read more