ओमप्रकाश वाल्मीकि का साहित्यिक परिचय

Om Prakash Valmiki Ka Sahityik Parichay जीवन परिचय ओमप्रकाश वाल्मीकि का जन्म 30 जून 1950 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के बरला गाँव में एक दलित वाल्मीकि परिवार में हुआ था। उनका बचपन सामाजिक एवं आर्थिक कठिनाइयों से घिरा रहा, जहाँ जातिगत भेदभाव ने उनकी शिक्षा को बाधित किया। प्रारंभिक शिक्षा गाँव के खुले … Read more

मैत्रेयी पुष्पा का साहित्यिक परिचय / Maitreyi Pushpa Ka Sahityik Parichay

जीवन परिचय मैत्रेयी पुष्पा का जन्म 30 नवंबर 1944 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिकुर्रा गाँव में एक गरीब ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता हीरालाल का देहांत मात्र 18 महीने की आयु में हो गया, जिससे माता कस्तूरी ने कठिनाइयों से उनका पालन-पोषण किया। बचपन और किशोरावस्था झाँसी के निकट बुंदेलखंड … Read more

राहुल सांकृत्यायन का साहित्यिक परिचय / Rahul Sankrityayan Ka Sahityik Parichay

जीवन परिचय महापंडित राहुल सांकृत्यायन का जन्म 9 अप्रैल 1893 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पंदहा गाँव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था, उनका मूल नाम केदार पांडेय था। बचपन से ही घुमक्कड़ प्रवृत्ति के कारण नौ वर्ष की आयु में घर छोड़कर भ्रमण पर निकल पड़े। काशी, आगरा और लाहौर में … Read more

अमृत राय का साहित्यिक परिचय / Amrit Rai Ka Sahityik Parichay

जीवन परिचय अमृत राय का जन्म 15 अगस्त 1921 को उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुआ था, हालांकि कुछ स्रोतों में वाराणसी का उल्लेख है। वे प्रसिद्ध लेखक मुंशी प्रेमचंद के छोटे पुत्र थे, जिनकी छाया में उन्होंने साहित्यिक वातावरण में पल-पल बढ़े। प्रेमचंद के निधन के बाद परिवार इलाहाबाद शिफ्ट हो गया, जहाँ उन्होंने … Read more

लघूत्तरीय प्रश्न ( हिंदी भाषा एवं आधुनिक हिंदी कविता ) BA -1st Semester

भाषा : अर्थ, परिभाषा, प्रकार,महत्व उत्तर- भाषा एक ऐसा माध्यम है, जिसके द्वारा मनुष्य अपने भावों एवं विचारों को बोलकर अथवा लिखकर प्रकट करता है तथा सुनकर एवं पढ़कर उन्हें ग्रहण करता है। उत्तर- महर्षि पतंजलि ने भाषा को परिभाषित करते हुए लिखा है- “व्यक्ता वाचि वर्णा येषां त इमे व्यक्त वाचः” अर्थात् जो वक्ता … Read more

भारत भूषण अग्रवाल का साहित्यिक परिचय / Bharat Bhushan Agraval Ka Sahityik Parichay

जीवन परिचय भारतभूषण अग्रवाल का जन्म 3 अगस्त 1919 को तुलसी जयंती के दिन उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के सतघड़ा मोहल्ले में एक वैश्य परिवार में हुआ। बचपन से ही काव्य-कला में प्रवीण, उन्होंने मथुरा और चंदौसी में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। उच्च शिक्षा आगरा और दिल्ली विश्वविद्यालयों से पूरी की, जहाँ उन्हें बांग्ला … Read more

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का साहित्यिक परिचय / Bhartendu Harishchandra Ka Sahityik Parichay

जीवन परिचय भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का जन्म 9 सितंबर 1850 को वाराणसी के एक वैश्य परिवार में हुआ था। उनके पिता गोपालचन्द्र ‘गिरधरदास’ उपनाम से कवि थे। बचपन में ही माता और पिता का निधन हो जाने से वे अनाथ हो गए, जिससे उनका जीवन संघर्षपूर्ण रहा। उन्होंने क्वींस कॉलेज, बनारस में शिक्षा प्राप्त की, लेकिन … Read more

सिल्वर वैडिंग ( मनोहर श्याम जोशी )/ Silver Wedding ( Manohar Shayam Joshi )

सिल्वर वैडिंग ( मनोहर श्याम जोशी ) का मूल पाठ यहाँ से download करें 👇 सिल्वर वैडिंग ( सारांश ) कहानी के मुख्य पात्र यशोधर बाबू पुराने ख्यालात के व्यक्ति हैं जो अपने परंपरागत मूल्यों , आदर्शों और अपने संस्कारों को जीवित रखना चाहते है मगर उनके बच्चे नए जमाने के हिसाब से जीवन जीने … Read more

जूझ ( आनंद यादव )

‘जूझ’ ( आनंद यादव ) का मूल पाठ download करें 👇 जूझ ( सारांश ) “जूझ” पाठ में लेखक आनंद यादव ने अपने बचपन में पढ़ाई के संघर्ष को बताया है । लेखक के पिता ने लेखक की पढ़ाई छुड़ा दी है । विद्यालय न जाने के कारण लेखक पाँचवी कक्षा में अनुत्तीर्ण हो गया … Read more

अतीत में दबे पाँव ( ओम थानवी )

अभी भी मुअनजो-दड़ो ( मोहन जोदड़ो ) और हड़प्पा प्राचीन भारत के ही नहीं, दुनिया के दो सबसे पुराने नियोजित शहर माने जाते हैं। ये सिंधु घाटी सभ्यता के परवर्ती यानी परिपक्व दौर के शहर हैं। खुदाई में और शहर भी मिले हैं। लेकिन मुअनजो-दड़ों ताम्र काल के शहरों में सबसे बड़ा है। वह सबसे … Read more

आलो आँधारी ( बेबी हालदार ) / Aalo Aandhari ( Baby Haldar )

प्रस्तुत रचना लेखिका बेबी हालदार की आत्मकथा है| उन्होंने बहुत कम आयु में ही अपने परिवार की जिम्मेदारी अकेले ही सँभाल लिया था| वह अपने पति से अलग तीन बच्चों के साथ किराए के मकान में अकेले ही रहती थी| वह काम की तलाश में इधर-उधर भटकती रहती थी| किसी के घर में नौकरानी का … Read more

राजस्थान की रजत बूंदें ( अनुपम मिश्र ) / Rajasthan Ki Rajat Boonden ( Anupam Mishra )

पसीने में तरबतर चेलवांजी कुंई के भीतर काम कर रहे हैं। कोई तीस-पैंतीस हाथ गहरी खुदाई हो चुकी है। अब भीतर गरमी बढ़ती ही जाएगी। कुंई का व्यास, घेरा बहुत ही संकरा है। उखरू ( उकडूं ) बैठे चेलवांजी की पीठ और छाती से एक-एक हाथ की दूरी पर मिट्टी है। इतनी संकरी जगह में … Read more

भारतीय गायिकाओं में बेजोड़ : लता मंगेशकर ( कुमार गन्धर्व )

Bhartiya Gayikaon Mein Bejod : Lata Mangeshkar ( Kumar Gandharv ) बरसों पहले की बात है। मैं बीमार था। उस बीमारी में एक दिन मैंने सहज ही रेडियो लगाया और अचानक एक अद्वितीय स्वर मेरे कानों में पड़ा। स्वर सुनते ही मैंने अनुभव किया कि यह स्वर कुछ विशेष है, रोज़ का नहीं। यह स्वर … Read more

परंपरा ( रामधारी सिंह दिनकर )/ Parampara (Ramdhari Singh Dinkar )

यह भी देखें हिंदी भाषा एवं आधुनिक हिंदी कविता ( बी ए प्रथम सेमेस्टर ) ( पूरा सिलेबस ) हिंदी भाषा एवं /और आधुनिक हिंदी कविता ( बी ए प्रथम सेमेस्टर kuk ) ▪️मैथिलीशरण गुप्त का साहित्यिक परिचय ( Mathilisharan Gupt Ka Sahityik Parichay ) ▪️सखी, वे मुझसे कहकर जाते ( मैथिलीशरण गुप्त ) ▪️मातृमंदिर … Read more

हिंदी ( कक्षा 12) ( आरोह व वितान )

आरोह भाग 2 ( काव्य खंड ) आत्मपरिचय ( Aatm Parichay ) : हरिवंश राय बच्चन दिन जल्दी-जल्दी ढलता है ( हरिवंश राय बच्चन ) पतंग ( आलोक धन्वा ) कविता के बहाने ( कुंवर नारायण ) बात सीधी थी पर ( कुंवर नारायण ) कैमरे में बंद अपाहिज ( रघुवीर सहाय ) सहर्ष स्वीकारा … Read more

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