चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती : त्रिलोचन

चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती मैं जब पढ़ने लगता हूँ वह आ जाती है खड़ी खड़ी चुपचाप सुना करती है उसे बड़ा अचरज होता है ; इन काले चिन्हों से कैसे ये सब स्वर निकला करते हैं | 1️⃣ व्याख्या – कवि चंपा नामक लड़की, जो की अनपढ़ है, उसकी निरक्षरता के बारे में … Read more

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