स्रोत भाषा और लक्ष्य भाषा : संरचनात्मक अंतर और अनुवाद पर प्रभाव

अनुवाद केवल शब्दों का स्थानांतरण नहीं होता, बल्कि एक संस्कृति, एक सोच और एक भाषिक ढाँचे का दूसरे ढाँचे में रूपांतरण होता है। जब हम किसी भाषा से दूसरी भाषा में अर्थ पहुँचाने का कार्य करते हैं, तो उस प्रक्रिया में केवल शब्द ही नहीं, बल्कि वाक्य रचना, व्याकरण, मुहावरे, सांस्कृतिक संकेत और भावात्मक स्वर … Read more

अनुवाद के चरण ( Stages Of Translation )

अनुवाद (Translation) भाषा, संस्कृति और विचार के बीच सेतु (bridge) का कार्य करता है। जब किसी भाषा के विचार, भाव या ज्ञान को दूसरी भाषा में पहुँचाया जाता है, तो यह केवल शब्दों का रूपांतरण नहीं होता बल्कि अर्थ, भाव, शैली और उद्देश्य का स्थानांतरण भी होता है। इस प्रक्रिया को ही अनुवाद कहा जाता … Read more

अनुवाद के प्रकार ( Types Of Translation )

अनुवाद (Translation) केवल भाषा परिवर्तन की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह दो संस्कृतियों, विचारधाराओं और संवेदनाओं के बीच सेतु (bridge) का कार्य करता है। एक ही विचार जब दूसरी भाषा में रूपांतरित होता है, तो उसका अर्थ, भाव, शैली और उद्देश्य उस भाषा के अनुसार ढल जाते हैं। यही कारण है कि अनुवाद को न … Read more

अनुवाद : फिडेलिटी एंड फ्लुएंसी ( Translation : Fidelity and Fluency )

अनुवाद का कार्य केवल एक भाषा से दूसरी भाषा में शब्दों का स्थानांतरण नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, अर्थ, भाव और उद्देश्य को एक भाषा से दूसरी भाषा में ले जाने की जटिल प्रक्रिया है। अनुवादक (translator) के सामने सदैव यह प्रश्न रहता है कि वह मूल पाठ (source text) से कितनी वफादारी (fidelity) बरतें … Read more

भारत में अनुवाद का इतिहास

भारत में अनुवाद का इतिहास ( बौद्ध काल से आधुनिक काल तक) भारत एक बहुभाषी, बहुसांस्कृतिक और बहुधर्मी देश है। यहाँ सदियों से संस्कृत, पालि, प्राकृत, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, बांग्ला, हिंदी, उर्दू जैसी सैकड़ों भाषाएँ साथ-साथ फलती-फूलती रही हैं। ऐसी स्थिति में अनुवाद कोई नई बात नहीं, बल्कि एक स्वाभाविक आवश्यकता रही है। अनुवाद का … Read more

अनुवाद : कला या विज्ञान

Translation is an Art मानव सभ्यता का विकास संवाद के माध्यम से हुआ है। विचारों, अनुभवों और ज्ञान का आदान-प्रदान ही समाज को आगे बढ़ाता है। जब विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के बीच यह संवाद होता है, तब उसे संभव बनाता है अनुवाद। यह वह सेतु है जो एक भाषा की संवेदना को दूसरी भाषा … Read more

अनुवाद कला की परिभाषा व उद्देश्य

(Translation : Meaning, Definition and Objectives) अनुवाद कला का अर्थ (Meaning of Translation as an Art) साधारण शब्दों में, अनुवाद का अर्थ है एक भाषा (स्रोत भाषा) से दूसरी भाषा (लक्ष्य भाषा) में रूपांतरित करना। लेकिन यह एक यांत्रिक प्रक्रिया (Mechanical Process) नहीं है, बल्कि एक सृजनात्मक कला (Creative Art) है। अनुवाद कला है, क्योंकि: … Read more

अनुवाद कला / अनुवाद सिद्धांत ( महत्त्वपूर्ण प्रश्न )

नीचे दिए गए प्रश्न अनुवाद कला (या अनुवाद सिद्धांत) से संबंधित हैं, जो कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (KUK) के B.A. हिंदी ऑनर्स पाठ्यक्रम, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के M.A. फंक्शनल हिंदी एंड ट्रांसलेशन, तथा दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के B.A. Hons. हिंदी (SEC 2140K: अनुवाद कला) के पाठ्यक्रमों पर आधारित हैं। ये प्रश्न परीक्षाओं में आमतौर पर पूछे … Read more

भारत की लिपियों का परिचय

भारत की प्रमुख लिपियों का परिचय ब्राह्मी लिपि ब्राह्मी लिपि भारत की सबसे पुरानी लिपि है, जो तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से मिलती है।यह सम्राट अशोक के शिलालेखों में इस्तेमाल हुई और ज्यादातर भारतीय लिपियों की माँ मानी जाती है। . ब्राह्मी बाएँ से दाएँ लिखी जाती है और इसमें स्वर तथा व्यंजन के चिह्न … Read more

महावीर प्रसाद द्विवेदी का साहित्यिक परिचय

जीवन परिचय महावीर प्रसाद द्विवेदी का जन्म 15 मई 1864 को उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के दौलतपुर गाँव में एक संस्कृतनिष्ठ ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता पंडित रामसहाय द्विवेदी सेना में थे, जिससे बचपन से ही अनुशासन और शिक्षा का वातावरण मिला। प्रारंभिक शिक्षा गाँव में संस्कृत और फारसी में हुई, जबकि … Read more

हरिशंकर परसाई का साहित्यिक परिचय / Harishankar Parsai Ka Sahityik Parichay

जीवन परिचय हरिशंकर परसाई का जन्म 22 अगस्त 1924 को मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के जमानी गाँव में एक साधारण ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता मुंशी राधाकृष्ण परसाई एक छोटे किसान और पंडित थे। प्रारंभिक शिक्षा गाँव में हुई, जबकि नागपुर विश्वविद्यालय से हिंदी में एम.ए. की उपाधि 1949 में प्राप्त की। … Read more

विद्यानिवास मिश्र का साहित्यिक परिचय / Vidyanivas Mishra Ka Sahityik Parichay

जीवन परिचय विद्यानिवास मिश्र का जन्म 28 जनवरी 1926 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पकड़डीहा गाँव में एक विद्वान ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता पंडित प्रसिद्ध नारायण मिश्र एक प्रसिद्ध विद्वान थे। प्रारंभिक शिक्षा गाँव और गोरखपुर में प्राप्त करने के बाद उन्होंने प्रयाग विश्वविद्यालय से 1945 में संस्कृत में एम.ए. … Read more

ओमप्रकाश वाल्मीकि का साहित्यिक परिचय

Om Prakash Valmiki Ka Sahityik Parichay जीवन परिचय ओमप्रकाश वाल्मीकि का जन्म 30 जून 1950 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के बरला गाँव में एक दलित वाल्मीकि परिवार में हुआ था। उनका बचपन सामाजिक एवं आर्थिक कठिनाइयों से घिरा रहा, जहाँ जातिगत भेदभाव ने उनकी शिक्षा को बाधित किया। प्रारंभिक शिक्षा गाँव के खुले … Read more

मैत्रेयी पुष्पा का साहित्यिक परिचय / Maitreyi Pushpa Ka Sahityik Parichay

जीवन परिचय मैत्रेयी पुष्पा का जन्म 30 नवंबर 1944 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिकुर्रा गाँव में एक गरीब ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता हीरालाल का देहांत मात्र 18 महीने की आयु में हो गया, जिससे माता कस्तूरी ने कठिनाइयों से उनका पालन-पोषण किया। बचपन और किशोरावस्था झाँसी के निकट बुंदेलखंड … Read more

राहुल सांकृत्यायन का साहित्यिक परिचय / Rahul Sankrityayan Ka Sahityik Parichay

जीवन परिचय महापंडित राहुल सांकृत्यायन का जन्म 9 अप्रैल 1893 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पंदहा गाँव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था, उनका मूल नाम केदार पांडेय था। बचपन से ही घुमक्कड़ प्रवृत्ति के कारण नौ वर्ष की आयु में घर छोड़कर भ्रमण पर निकल पड़े। काशी, आगरा और लाहौर में … Read more

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