राम की शक्ति-पूजा : सूर्यकांत त्रिपाठी निराला ( भाग 2)
(11) प्रसंग — प्रस्तुत पंक्तियाँ सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला की बहुचर्चित कविता ‘राम की शक्ति-पूजा’ से अवतरित हैं | इन पंक्तियों में राम-रावण युद्ध की विभीषिका, रावण की भयावहता और राम की हताशा और उससे उबरने की मनःस्थिति को दर्शाया गया है | व्याख्या — राम के दिव्य चरणों पर उनके दो अश्रु-बिन्दु टपक पड़े। हनुमान … Read more