अक्क महादेवी ( Akka Mahadevi )
पद 1 हे भूख! मत मचल प्यास, तड़प मत हे नींद! मत सता क्रोध, मचा मत उधल-पुथल हे मोह! पाश अपने ढील लोभ, मत ललचा हे मद! मत कर मदहोश ईर्ष्या, जला मत ओ चराचर! मत चूक अवसर आई हूँ संदेश लेकर चन्नमलिकार्जुन का | 1️⃣ व्याख्या – प्रस्तुत पद में कवयित्री अक्क महादेवी इंद्रियों … Read more