‘सुनीता’ उपन्यास के आधार पर सुनीता का चरित्र-चित्रण
जैनेंद्र कुमार द्वारा रचित उपन्यास ‘सुनीता’ (1934) की केंद्रीय पात्र और नायिका ‘सुनीता’ हिंदी साहित्य के सबसे सशक्त और मनोवैज्ञानिक रूप से जटिल स्त्री चरित्रों में से एक है। वह प्रेमचंद युगीन ‘आदर्शवादी’ नारी और आधुनिक ‘यथार्थवादी’ नारी के बीच की एक ऐसी कड़ी है, जिसमें परंपरा का संस्कार भी है और आधुनिकता का निर्भीक … Read more