संप्रेषण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से एक व्यक्ति अपने विचार, भावनाएँ और सूचनाएँ दूसरे व्यक्ति तक पहुँचाता है। इसके द्वारा आपसी समझ, सहयोग और सामाजिक संपर्क स्थापित होता है। यह मानव जीवन की एक आवश्यक प्रक्रिया है।
संप्रेषण के उपकरण
संप्रेषण के उपकरणों को दो भागों में बाँटा जा सकता है — (क ) परंपरागत उपकरण, (ख ) आधुनिक उपकरण |
(क) परंपरागत संप्रेषण उपकरण—
(1) पत्र (चिट्ठी) — पत्र संप्रेषण का सबसे पुराना साधन है। इसके माध्यम से लोग लिखित रूप में अपने विचार, समाचार और सूचनाएँ भेजते थे। यह औपचारिक और व्यक्तिगत संप्रेषण का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है।
(2) समाचार पत्र — समाचार पत्र जनसंचार का प्रमुख परंपरागत माध्यम है। इसके द्वारा लोगों को देश-विदेश की खबरें और जानकारी मिलती है। यह जनमत निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
(3) रेडियो — रेडियो श्रव्य संप्रेषण का प्रभावी साधन है। इसके द्वारा समाचार, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं। यह दूर-दराज के क्षेत्रों तक सूचना पहुँचाता है।
(4) दूरदर्शन (टेलीविजन) — दूरदर्शन दृश्य और श्रव्य दोनों माध्यमों का उपयोग करता है। इसके द्वारा समाचार, सामाजिक कार्यक्रम और शैक्षिक सामग्री लोगों तक पहुँचती है। यह जनसंचार का शक्तिशाली साधन है।
(5) पोस्टर और पंपलेट — पोस्टर और पंपलेट सार्वजनिक स्थानों पर सूचना देने के लिए उपयोग किए जाते हैं। इनके माध्यम से जागरूकता अभियान और प्रचार कार्य किए जाते हैं। यह सरल और सस्ता साधन है।
(6) लोक माध्यम — लोक नाटक, लोक गीत और कथाएँ परंपरागत संप्रेषण के महत्वपूर्ण साधन हैं। इनके माध्यम से समाज में संदेश और मूल्य फैलाए जाते हैं। यह लोगों को आसानी से प्रभावित करते हैं।
(ख ) संप्रेषण के आधुनिक उपकरण
(1) मोबाइल फोन — मोबाइल फोन आधुनिक संप्रेषण का सबसे तेज़ और सुविधाजनक साधन है। इसके माध्यम से कॉल, संदेश और वीडियो कॉल तुरंत किए जा सकते हैं। इससे लोगों के बीच दूरी कम हुई है।
(2) ई-मेल (Email) — ई-मेल इंटरनेट आधारित लिखित संप्रेषण का प्रमुख माध्यम है। इसके द्वारा संदेश, फाइल और दस्तावेज बहुत तेजी से भेजे जाते हैं। कार्यालयों और शिक्षा संस्थानों में इसका व्यापक उपयोग होता है।
(3) इंटरनेट — इंटरनेट ने संप्रेषण को वैश्विक स्तर पर जोड़ दिया है। इसके माध्यम से जानकारी तुरंत साझा की जाती है। यह आधुनिक सूचना व्यवस्था की रीढ़ है।
(4) सोशल मीडिया — सोशल मीडिया लोगों को आपस में जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। इसके द्वारा विचार, समाचार, फोटो और वीडियो तेजी से फैलते हैं। यह सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में सहायक है।
(5) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग — वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दूर बैठे लोग आमने-सामने संवाद कर सकते हैं। इसका उपयोग शिक्षा, बैठकों और व्यावसायिक कार्यों में तेजी से बढ़ा है। यह समय और संसाधन दोनों बचाता है।
(6) डिजिटल समाचार माध्यम — ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल और मोबाइल ऐप आधुनिक समाचार संप्रेषण के साधन हैं। इनके माध्यम से ताज़ा खबरें तुरंत उपलब्ध होती हैं। इससे सूचना प्राप्त करना आसान हो गया है।