समाचार लेखन की भाषा और उसकी शैली सामान्य गद्य से अलग होती है, क्योंकि समाचार का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उसे स्पष्ट, वस्तुनिष्ठ और संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करना भी होता है। समाचार की भाषा और शैली की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
(1) सरलता – समाचार की भाषा सहज और सबको समझ में आने वाली होनी चाहिए। कठिन, क्लिष्ट और अलंकारिक शब्दों से बचा जाता है।
(2) संक्षिप्तता – समाचार लिखते समय अनावश्यक विस्तार से बचा जाता है। केवल आवश्यक तथ्यों और घटनाओं को संक्षेप में प्रस्तुत किया जाता है।
(3) स्पष्टता – भाषा में कोई द्वयर्थकता या भ्रम न हो। समाचार पढ़ते ही पाठक को तथ्य साफ-साफ समझ में आ जाएँ।
(4) निष्पक्षता – समाचार की भाषा में व्यक्तिगत मत, पक्षपात या भावनात्मकता नहीं होनी चाहिए। केवल तथ्यों को प्रस्तुत किया जाता है।
(5) प्रत्यक्षता – समाचार भाषा सीधी और प्रभावी होती है। उसमें गोलमोल या अस्पष्ट कथन का प्रयोग नहीं किया जाता।
(6) सामयिकता – समाचारों की भाषा वर्तमान काल से जुड़ी होती है और ताजगी लिए होती है, ताकि पाठक घटना की तात्कालिकता को महसूस कर सके।
(7) साधारणीकरण – समाचार की शैली ऐसी होती है कि हर वर्ग का पाठक उसे आसानी से समझ सके।
(8) आकर्षण – भाषा में रोचकता और जीवंतता भी बनी रहती है, ताकि पाठक या श्रोता घटना में रुचि ले सके।
(9) तथ्यप्रधानता – समाचार की भाषा में कल्पना, भावुकता या सजावटी शैली की जगह तथ्य, आँकड़े और सटीक विवरण अधिक रहते हैं।
(10) वस्तुनिष्ठ शैली – समाचार लेखन में क्या, कब, कहाँ, कौन, क्यों और कैसे (6 ककार) पर आधारित सीधी और तथ्यात्मक शैली अपनाई जाती है।
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