व्यक्तित्व के विविध प्रकार

व्यक्तित्व के प्रकार व्यक्ति के स्वभाव, व्यवहार, सोच और समाज के साथ उसके संबंधों के आधार पर बताए जाते हैं। मनोवैज्ञानिकों ने व्यक्तित्व को समझने के लिए उसे अलग-अलग प्रकारों में बाँटा है। प्रमुख व्यक्तित्व प्रकार निम्नलिखित हैं—

(1) अंतर्मुखी व्यक्तित्व (Introvert Personality) — अंतर्मुखी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति शांत स्वभाव के होते हैं। वे अधिकतर अपने भीतर की दुनिया में रहना पसंद करते हैं और अकेले रहकर सोचने में सहज महसूस करते हैं। ऐसे लोग कम बोलते हैं, परंतु गहराई से सोचते हैं। इन्हें भीड़-भाड़ और अधिक सामाजिक गतिविधियाँ पसंद नहीं होतीं। ये अपने काम को ध्यान और एकाग्रता से करते हैं। लेखक, वैज्ञानिक और शोधकर्ता प्रायः इसी प्रकार के व्यक्तित्व के होते हैं।

(2) बहिर्मुखी व्यक्तित्व (Extrovert Personality) — बहिर्मुखी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति मिलनसार, खुले स्वभाव के और सक्रिय होते हैं। वे लोगों से बातचीत करना, समूह में काम करना और नए लोगों से मिलना पसंद करते हैं। ऐसे लोग आत्मविश्वासी होते हैं और अपने विचार खुलकर व्यक्त करते हैं। इन्हें भीड़ में रहना अच्छा लगता है। नेता, वक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रायः बहिर्मुखी व्यक्तित्व के होते हैं।

(3) उभयमुखी व्यक्तित्व (Ambivert Personality) — उभयमुखी व्यक्तित्व में अंतर्मुखी और बहिर्मुखी दोनों के गुण पाए जाते हैं। ऐसे व्यक्ति परिस्थिति के अनुसार अपना व्यवहार बदल सकते हैं। कभी वे शांत और अकेले रहना पसंद करते हैं, तो कभी मिलनसार और सक्रिय हो जाते हैं। यह व्यक्तित्व सबसे संतुलित माना जाता है। सामान्य जीवन में अधिकतर लोग इसी श्रेणी में आते हैं।

(4) भावनात्मक व्यक्तित्व — भावनात्मक व्यक्तित्व वाले व्यक्ति अपनी भावनाओं से अधिक प्रभावित होते हैं। वे जल्दी प्रसन्न या दुखी हो जाते हैं। इनमें संवेदनशीलता अधिक होती है और ये दूसरों की पीड़ा को आसानी से समझ लेते हैं। कभी-कभी भावनाओं पर नियंत्रण न होने के कारण इन्हें कठिनाई भी होती है। कलाकार और रचनात्मक लोग प्रायः इस प्रकार के होते हैं।

(5) स्थिर व्यक्तित्व — स्थिर व्यक्तित्व वाले व्यक्ति धैर्यवान और संयमी होते हैं। वे कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहते हैं और सोच-समझकर निर्णय लेते हैं। इनके व्यवहार में संतुलन होता है और ये जल्दी घबराते नहीं हैं। ऐसे व्यक्ति भरोसेमंद माने जाते हैं और समाज में सम्मान पाते हैं।

(6) अस्थिर व्यक्तित्व — अस्थिर व्यक्तित्व वाले व्यक्ति जल्दी तनाव में आ जाते हैं। उनका मूड बार-बार बदलता रहता है और वे छोटी-छोटी बातों पर परेशान हो जाते हैं। निर्णय लेने में इन्हें कठिनाई होती है। आत्मविश्वास की कमी इनके व्यक्तित्व की मुख्य कमजोरी होती है।

निष्कर्ष — व्यक्तित्व के ये सभी प्रकार व्यक्ति के व्यवहार और स्वभाव को समझने में सहायक होते हैं। कोई भी व्यक्तित्व पूर्ण रूप से अच्छा या बुरा नहीं होता। परिस्थितियों, शिक्षा और अनुभव से व्यक्तित्व में परिवर्तन संभव है। व्यक्ति अपने गुणों को पहचानकर उन्हें सुधार सकता है और संतुलित व्यक्तित्व का विकास कर सकता है।

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